MP से ट्रेन के जरिए जोधपुर जा रही हथियारों की बड़ी खेप पकड़ी, अजमेर में जीआरपी की कार्रवाई से मचा हड़कंप….
रेल मार्ग से अवैध हथियारों की तस्करी पर अजमेर जीआरपी ने बड़ी चोट की है। मध्यप्रदेश से ट्रेन के जरिए जोधपुर ले जाए जा रहे पांच पिस्टल और 12 जिंदा कारतूस के साथ दो हथियार तस्करों को दबोच लिया गया, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। इस कार्रवाई ने अंतरराज्यीय हथियार तस्करी नेटवर्क की पोल खोल दी है।
ट्रेन में छिपाकर ले जाए जा रहे थे हथियार
अजमेर जीआरपी थाना पुलिस ने शुक्रवार को गुप्त सूचना के आधार पर एमपी से जोधपुर जाने वाली ट्रेन में कार्रवाई की। जांच के दौरान दो संदिग्धों को पकड़ा गया, जिनके बैग की तलाशी लेने पर कपड़ों के बीच छिपाकर रखी गई 5 पिस्टल और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
एक आरोपी नाबालिग, बैग बदलकर बचने की कोशिश
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी ट्रेन के सामान्य डिब्बे में यात्रा कर रहे थे। तलाशी के दौरान एक युवक ने नजरों से बचने के लिए अपना बैग पीछे छिपाने की कोशिश की, जबकि दूसरा बैग नाबालिग के पास मिला। पुलिस की सतर्कता से दोनों की चालाकी नाकाम रही।
चार पिस्टल युवक के बैग से, एक नाबालिग के कब्जे से
तलाशी में चार पिस्टल युवक के बैग से, जबकि एक देसी पिस्टल नाबालिग के बैग से बरामद हुई। इसके साथ ही कुल 12 जिंदा कारतूस जब्त किए गए। हथियारों की हालत देखकर साफ है कि इन्हें इस्तेमाल के इरादे से ले जाया जा रहा था।
जोधपुर में सप्लाई की थी योजना, 20 हजार में हुआ सौदा
सीआईबी फलोदी से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ में आरोपी नवाब अली ने खुलासा किया कि उसे एक खेप पहुंचाने के बदले 20 हजार रुपये मिले थे। हथियारों की सप्लाई जोधपुर में की जानी थी और आगे की जानकारी मोबाइल फोन के जरिए दी जा रही थी।
पहले भी हथियार तस्करी में रहा है शामिल आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी नवाब अली पहले भी सूरत में हथियार तस्करी के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। इससे यह साफ होता है कि यह कोई एकल घटना नहीं, बल्कि संगठित नेटवर्क का हिस्सा है।
जीआरपी ने दर्ज किया आर्म्स एक्ट का मामला
जीआरपी अजमेर ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा, जबकि मुख्य आरोपी से नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में गहन पूछताछ की जा रही है।
विश्लेषण | रेल मार्ग बना हथियार तस्करी का आसान जरिया
इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि रेलवे नेटवर्क हथियार तस्करों के लिए आसान रास्ता बनता जा रहा है। सीमित जांच और भीड़ का फायदा उठाकर तस्कर राज्यों के बीच हथियारों की सप्लाई कर रहे हैं। ऐसे में जीआरपी की सक्रियता और सतत निगरानी बेहद जरूरी है।