चौमूं में पथराव के बाद हालात काबू में, दो दिन इंटरनेट बंद, 125 उपद्रवी-सहयोगी हिरासत में…..
चौमूं (जयपुर)। चौमूं कस्बे में शुक्रवार तड़के धार्मिक स्थल के बाहर रखे पत्थरों को हटाने की कार्रवाई के बाद अचानक तनाव फैल गया। समुदाय विशेष के कुछ लोगों ने पुलिस बल पर पथराव कर दिया, जिसमें 9 पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े, जिसके बाद स्थिति पर काबू पाया गया।
दो दिन तक इंटरनेट सेवाएं बंद
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने चौमूं क्षेत्र में 28 दिसंबर तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और लगातार गश्त की जा रही है।
125 उपद्रवी और सहयोगी हिरासत में
पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसेफ ने बताया कि इस मामले में 125 उपद्रवी और उनके सहयोगियों को हिरासत में लिया गया है। इनमें से 25 आरोपियों को शुक्रवार देर रात तक गिरफ्तार कर लिया गया। अन्य की पहचान कर कार्रवाई जारी है।
सीसीटीवी और वीडियोग्राफी से पहचान
पुलिस ने बताया कि पथराव करने वालों की पहचान सीसीटीवी फुटेज और पुलिस की वीडियोग्राफी के जरिए की जा रही है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद हिंसा, सरकारी कार्य में बाधा और पुलिस पर हमले के आरोप में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
तीन बार हुआ आमना-सामना
पुलिस के अनुसार उपद्रवियों और पुलिस के बीच तीन बार आमना-सामना हुआ। पथराव इतना तेज था कि पुलिस को एक बार पीछे हटना पड़ा। हालात बिगड़ने पर बल प्रयोग और आंसू गैस का सहारा लिया गया, जिसके बाद उपद्रवी मौके से फरार हो गए।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, एक धार्मिक स्थल के बाहर सड़क पर लंबे समय से पत्थर डालकर अस्थायी अतिक्रमण किया गया था। सहमति से पत्थर हटवाए गए, लेकिन कुछ उपद्रवियों ने देर रात दोबारा पत्थर रखकर सड़क घेरने की कोशिश की। जब पुलिस ने अतिक्रमण हटाने का प्रयास किया, तो पथराव कर दिया गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
शांति व्यवस्था के लिए फ्लैग मार्च
पुलिस उपायुक्त राहुल प्रकाश ने बताया कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च किया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।