बजाज फाइनेंस गोल्ड लोन ब्रांच में 98 लाख का गोल्ड फ्रॉड, तीन कर्मचारी नामजद
अलवर।
पालावत मार्केट स्थित बजाज फाइनेंस गोल्ड लोन ब्रांच में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। ब्रांच के ही कर्मचारियों ने मिलीभगत कर तिजोरी में रखे ग्राहकों के गिरवी असली सोने के आभूषणों को नकली जेवरों से बदल दिया और अपने परिचितों के नाम करीब 98 लाख रुपये के फर्जी गोल्ड लोन स्वीकृत कर दिए।
ब्रांच मैनेजर विपिन गौड़ की रिपोर्ट पर अखैपुरा थाना पुलिस ने सीनियर रिलेशनशिप मैनेजर समेत तीन कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। शिकायत में बताया गया कि तिजोरी में रखे सोने के पैकेट दो अलग-अलग लॉकर में रखे जाते हैं और उनकी चाबियां अलग-अलग कर्मचारियों के पास होती हैं। इसी व्यवस्था का दुरुपयोग करते हुए कर्मचारियों ने सुनियोजित तरीके से हेराफेरी को अंजाम दिया।
सीनियर ऑडिटर मनोज गुर्जर और अरविंद कविया ने 28 अगस्त से 5 सितंबर 2025 तक की जांच में पाया कि ब्रांच में नकली सोने पर लोन स्वीकृत किए गए हैं। जांच के दौरान सीनियर रिलेशनशिप मैनेजर देव प्रताप सिंह चौहान ने स्वीकार किया कि उसने तिजोरी में रखे असली गहनों को निकालकर उनकी जगह कृत्रिम आभूषण रखे।
बाद में जब सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई, तो देव प्रताप, अभिषेक गुप्ता और योगिता जांगिड़ की मिलीभगत स्पष्ट दिखी। ऑडिट में खुलासा हुआ कि कुल 19 पैकेटों में हेराफेरी कर चिराग, सुरेंद्र कुमार गोयल, फारुख खान, विक्रम सिंह पोषवाल, हर्ष यादव, शिवानी यादव, प्रत्यक्ष सिंह पटेल, पंकज भारद्वाज सहित कई परिचितों के नाम 98,06,240 रुपये के गोल्ड लोन अवैध रूप से जारी किए गए।
पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।