अलवर में ‘करोड़ों के कछुए’ का झांसा देकर 10 लाख की ठगी, फर्जी डॉक्टर और पुलिसकर्मी बनकर धमकाया; 4 गिरफ्तार
अलवर में एक मजदूर को दुर्लभ कछुए के जरिए करोड़ों रुपये कमाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने न सिर्फ फर्जी सौदा दिखाया, बल्कि नकली डॉक्टर और पुलिसकर्मी बनकर पीड़ित को डराया भी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
लालच देकर रचा गया करोड़ों कमाने का फर्जी खेल
वैशाली नगर थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले में पीड़ित उन्नस खां, जो मूल रूप से जमालपुर का रहने वाला है और वर्तमान में अंबेडकर नगर में किराए पर रहकर उद्योग नगर की एक फैक्ट्री में काम करता है, को पहले फोन कॉल के जरिए झांसे में लिया गया। जनवरी 2026 में आरोपी आसिम ने खुद को परिचित बताते हुए दावा किया कि उसके पास ऐसा अवसर है जिससे 10 से 20 लाख रुपये आसानी से कमाए जा सकते हैं। इसके बाद उसे सूर्यनगर मोड़ पर बुलाया गया, जहां पूरे ठगी नेटवर्क की शुरुआत हुई।
एक करोड़ का कछुआ दिखाकर वसूले 10 लाख रुपये
पीड़ित को एचडीएफसी बैंक के पास एक चाय की दुकान पर ले जाया गया, जहां आरोपियों ने उसे हरे रंग का एक कछुआ दिखाया और दावा किया कि उसकी कीमत लगभग एक करोड़ रुपये है। इसी लालच में फंसाकर उससे तीन किश्तों में कुल 10 लाख रुपये ले लिए गए। आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि वह इस कछुए को बेचकर करोड़ों रुपये कमा सकता है। लेकिन बाद में उसे बाइक से नटनी का बारा ले जाया गया, जहां पूरा खेल बदल गया।
फर्जी डॉक्टर और नकली पुलिस बनाकर धमकी
नटनी का बारा पहुंचने के बाद आरोपियों ने नया नाटक रचा। उन्होंने दावा किया कि कछुआ मर चुका है और बाद में एक व्यक्ति को फर्जी डॉक्टर बनाकर बुलाया गया, जिसने भी कछुए को मृत घोषित कर दिया। इसी दौरान एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में आया और पीड़ित को धमकाया कि यदि उसने सवाल उठाए तो उसे दुर्लभ कछुआ रखने के फर्जी मामले में फंसा दिया जाएगा। डर और दबाव के कारण पीड़ित उस समय कुछ नहीं कर सका।
शिकायत के बाद पुलिस की कार्रवाई, चार आरोपी गिरफ्तार
लगातार ठगी और धमकी के बाद पीड़ित ने वैशाली नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आसिम, राहुल सैन, महेंद्र जोगी और नोवताराम उर्फ कट बाबरिया सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।