करौली में एसीबी का बड़ा शिकंजा: एसडीएम समेत तीन अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार, 4 लाख की संदिग्ध नकदी भी बरामद
राजस्थान के करौली जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एसीबी ने नादोती उपखंड में एसडीएम सहित तीन सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। 60 हजार रुपये की रिश्वत राशि के साथ 4 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी की बरामदगी ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
रिश्वत के जाल में फंसे अधिकारी, एसीबी ने रंगे हाथों दबोचा
करौली जिले के नादोती उपखंड में एसीबी ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए उपखंड अधिकारी, उनके रीडर और एक वरिष्ठ सहायक को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। टीम ने पहले शिकायत का सत्यापन किया और फिर जाल बिछाकर आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया। जैसे ही परिवादी से तय राशि ली गई, एसीबी अधिकारियों ने तत्काल दबिश देकर तीनों को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई ने प्रशासनिक तंत्र में फैले भ्रष्टाचार पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भूमि मामले में फाइनल डिक्री के बदले मांगी गई थी रिश्वत
एसीबी जांच में सामने आया कि उपखंड अधिकारी ने अपने रीडर के माध्यम से परिवादी से भूमि से जुड़े एक मामले में अंतिम आदेश (फाइनल डिक्री) जारी करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। शुरुआत में एक लाख रुपये की मांग रखी गई, जिसे बाद में घटाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना एसीबी को दी, जिसके बाद पूरे मामले की गोपनीय जांच शुरू की गई और आरोपों की पुष्टि होने पर कार्रवाई की योजना बनाई गई।
रिश्वत की रकम का बंटवारा भी तय, अलग-अलग हिस्सों में मांगी गई राशि
जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि रिश्वत की रकम का बंटवारा पहले से तय था। एसडीएम के हिस्से के रूप में 50 हजार रुपये और रीडर के लिए 10 हजार रुपये अलग से मांगे गए थे। इस पूरी प्रक्रिया को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम देने की तैयारी की गई थी। परिवादी को निर्धारित तिथि पर कार्यालय बुलाकर लेन-देन करने का प्लान बनाया गया, जिससे आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ने का मौका मिल सका।
कार्रवाई के दौरान 4 लाख रुपये की अतिरिक्त संदिग्ध नकदी बरामद
एसीबी की छापेमारी के दौरान एक बैग से 60 हजार रुपये की रिश्वत राशि के अलावा 4 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी भी बरामद हुई। इस रकम के स्रोत को लेकर अधिकारियों से पूछताछ जारी है। एसीबी यह पता लगाने में जुटी है कि यह राशि किसी अन्य अवैध लेन-देन से जुड़ी है या नहीं। बरामद नकदी ने मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है और जांच का दायरा भी बढ़ा दिया गया है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज, जांच जारी
पूरी कार्रवाई एसीबी की सवाई माधोपुर टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में अंजाम दी। तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है। एसीबी का कहना है कि यदि इस प्रकरण में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।