रात 2:30 बजे डिलीवरी पर बवाल, ग्राहक नहीं आया नीचे तो Zomato राइडर ने खा लिया ऑर्डर
देर रात फूड डिलीवरी को लेकर एक विवाद सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। Zomato के एक डिलीवरी पार्टनर ने दावा किया कि ग्राहक नीचे आने को तैयार नहीं हुआ, जिसके बाद उसने ऑर्डर कैंसिल कर खुद ही खाना खा लिया। यह मामला इंस्टाग्राम पर वायरल हो चुका है और इसने ग्राहक सुविधा बनाम डिलीवरी वर्कर्स की सुरक्षा पर नई बहस छेड़ दी है।
🟦 क्या है पूरा मामला
यह घटना एक Zomato डिलीवरी राइडर अंकुर ठाकुर से जुड़ी बताई जा रही है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें बताया कि देर रात करीब 2:30 बजे एक ग्राहक ने ऑर्डर लेने के लिए नीचे आने से इनकार कर दिया। बातचीत बढ़ने पर विवाद की स्थिति बन गई।
🟦 राइडर ने क्यों नहीं पहुंचाया ऑर्डर
वीडियो में राइडर का कहना है कि इतनी रात में बाइक को बिना निगरानी के छोड़कर ऊपर जाना उन्हें सुरक्षित नहीं लगा। उनका तर्क था कि रात में ठंड और लंबी दूरी तय करने के बाद डिलीवरी पार्टनर्स को ग्राहकों से थोड़ी समझदारी और सहयोग की उम्मीद रहती है।
🟦 ‘या डिलीवर करो या कैंसिल’
राइडर के मुताबिक, ग्राहक ने उनसे कहा कि या तो ऑर्डर ऊपर तक पहुंचाएं या फिर उसे कैंसिल कर दें। इसके बाद उन्होंने ऑर्डर कैंसिल किया और वीडियो में गुलाब जामुन खाते हुए कहा कि वह बिरयानी भी खाएंगे। यही वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
🟦 सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
1 जनवरी को पोस्ट किया गया यह वीडियो अब तक लाखों बार देखा जा चुका है। कुछ यूजर्स ने डिलीवरी वर्कर्स की मुश्किलों और सुरक्षा पर चिंता जताई, वहीं कई लोगों ने ग्राहक के पक्ष में तर्क दिया कि वे डोरस्टेप डिलीवरी के लिए अतिरिक्त शुल्क चुकाते हैं।
🟦 ग्राहक बनाम डिलीवरी पार्टनर की बहस
एक वर्ग का कहना है कि डोरस्टेप सर्विस का मतलब है कि ऑर्डर ग्राहक के दरवाजे तक पहुंचे। वहीं दूसरे पक्ष का मानना है कि देर रात की डिलीवरी में सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है और ऐसे समय में ग्राहकों को थोड़ा लचीला होना चाहिए। कुछ यूजर्स ने सुझाव दिया कि ऑर्डर गेट पर छोड़कर डिलीवरी पूरी की जा सकती थी।
🟦 पॉलिसी और व्यवहार पर सवाल
इस घटना ने फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स की नीतियों और ग्राहक–डिलीवरी पार्टनर के बीच जिम्मेदारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला दिखाता है कि सुविधा, सुरक्षा और नियमों के बीच संतुलन बनाना कितना जरूरी हो गया है।