‘कर्फ्यू से कानून, उपद्रव से उत्सव’—योगी आदित्यनाथ ने पेश किया सरकार का रिपोर्ट कार्ड
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए अपनी सरकार के 8–9 वर्षों की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब ‘बीमारू’ छवि से निकलकर ‘ब्रेकथ्रू स्टेट’ बन चुका है और कानून-व्यवस्था से लेकर निवेश तक हर क्षेत्र में बदलाव दिख रहा है।
“अराजकता से सुशासन तक” का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू और ‘गुंडा टैक्स’ आम बात थे। “वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया” जैसी स्थिति थी, जहां अपराधियों का दबदबा था।
उन्होंने दावा किया कि आज वही प्रदेश धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सवों का केंद्र बन गया है और कानून का राज स्थापित हुआ है।
माघ मेला और आस्था का रिकॉर्ड
सीएम योगी ने हाल ही में संपन्न माघ मेले का उल्लेख करते हुए कहा कि 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई।
महाशिवरात्रि पर 40 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पीएसी की तीन महिला बटालियनें—उदा देवी, झलकारी बाई और अवंती बाई—तैनात रहीं।
उन्होंने इसे बेहतर कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक प्रबंधन का उदाहरण बताया।
‘ट्रिपल-T’ मॉडल: ट्रस्ट, टेक्नोलॉजी और ट्रांसफॉर्मेशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश अब ‘ट्रस्ट, टेक्नोलॉजी एंड ट्रांसफॉर्मेशन’ यानी ‘ट्रिपल-T’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बना है और बुनियादी ढांचे, डिजिटल सेवाओं व औद्योगिक विकास में तेजी आई है।
विपक्ष पर तीखा प्रहार
मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष के व्यवहार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राज्यपाल प्रदेश की संवैधानिक प्रमुख हैं और उनके प्रति असम्मान लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
उन्होंने विशेष रूप से Samajwadi Party पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका रवैया नारी शक्ति और संवैधानिक गरिमा के प्रति सम्मानजनक नहीं था।
राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में यूपी की भूमिका
सीएम योगी ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि भारत वैश्विक मंच पर नई पहचान बना रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की भावी पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने के लिए राष्ट्रीय प्रतीकों और संवैधानिक पदों का सम्मान जरूरी है।
विश्लेषण: राजनीतिक संदेश और चुनावी संकेत
विधानसभा में दिया गया यह संबोधन सिर्फ उपलब्धियों का ब्योरा नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी था। कानून-व्यवस्था, धार्मिक आयोजनों और निवेश को केंद्र में रखकर मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की छवि मजबूत करने की कोशिश की।
विपक्ष पर हमलावर रुख और ‘ट्रिपल-T’ मॉडल की प्रस्तुति यह संकेत देती है कि आने वाले चुनावी परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए सरकार अपनी उपलब्धियों को प्रमुखता से सामने रख रही है।