दुबई एयरशो हादसे में शहीद हुए विंग कमांडर नमांश स्याल का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, पत्नी ने यूनिफॉर्म में दी अंतिम सलामी…
वीरतापूर्ण विदाई की भावुक तस्वीरें—कांगड़ा ने अपने वीर बेटे को नम आंखों से दी अंतिम सलामी
दुबई एयरशो में भारतीय लड़ाकू विमान तेजस के हादसे में शहीद हुए विंग कमांडर नमांश स्याल को आज उनके पैतृक गांव कांगड़ा में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। घर-परिवार से लेकर पूरा इलाका नमांश की शहादत पर गर्व और गम, दोनों भावों से भरा दिखा।
कांगड़ा में पहुंचते ही माहौल गमगीन
दुबई एयरशो के दौरान तेजस विमान दुर्घटना में शहीद हुए विंग कमांडर नमांश स्याल की पार्थिव देह रविवार को कांगड़ा पहुंची। गांव में अंतिम दर्शन के दौरान माहौल पूरी तरह भावुक हो गया। जहां भी पार्थिव देह पहुंची, लोग ‘नमांश अमर रहें’ के नारों के साथ उन्हें नमन करते दिखे।
पत्नी अफशान अख्तर ने यूनिफॉर्म में दी अंतिम सलामी
नमांश की पत्नी और एयरफोर्स में तैनात विंग कमांडर अफशान अख्तर ने यूनिफॉर्म पहनकर पति को अंतिम सलामी दी। सलामी देते वक्त वे खुद को रोक नहीं पाईं और फफक पड़ीं। यह क्षण देख वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। उनकी छह साल की बेटी भी पूरे समय मां के साथ खड़ी रही।
मां वीना देवी के आंसुओं ने छलकाया दर्द
पार्थिव देह घर पहुंचते ही शहीद की मां वीना देवी का दर्द बेकाबू हो गया। बेटे के तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को देखकर वे रो पड़ीं। परिजनों और रिश्तेदारों ने उन्हें संभाला, लेकिन बेटा खोने का दुख हर चेहरे पर साफ दिखा।
सैन्य सम्मान के बीच दी गई अंतिम विदाई
विंग कमांडर नमांश स्याल के शव को वायुसेना के जवानों ने फौजी वाहन में फूल-मालाओं से सजाकर अंतिम यात्रा के लिए निकाला। कांगड़ा में हजारों लोगों ने सड़क के दोनों ओर खड़े होकर शहीद को श्रद्धांजलि दी। पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और अंत्येष्टि संपन्न हुई।
कांगड़ा के लोगों में गर्व और शोक की मिश्रित भावना
अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ ने साफ दिखा दिया कि नमांश स्याल सिर्फ परिवार के नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के गौरव थे। लोगों ने कहा कि शहादत पर गर्व है, लेकिन इतना कम उम्र में एक होनहार अधिकारी को खो देने का दुख भी उतना ही गहरा है।