विक्रम भट्ट और पत्नी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत
फिल्ममेकर Vikram Bhatt और उनकी पत्नी Shwetambari Bhatt को 30 करोड़ के कथित धोखाधड़ी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है। राजस्थान पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के बाद अदालत ने इस मामले में तत्काल राहत दी है।
सुप्रीम कोर्ट का बयान: आपराधिक मामले का गलत इस्तेमाल नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपराधिक मामलों का इस्तेमाल सिर्फ पैसे वसूलने के लिए नहीं किया जा सकता। पीठ में CJI Suryakant और जस्टिस Joymala Bagchi ने इस बात पर जोर दिया। कोर्ट ने जमानत बांड भरने की शर्त पर दोनों को तुरंत अंतरिम जमानत देने का आदेश दिया।
मुकुल रोहतगी की दलील और केस का आधार
वरिष्ठ वकील Mukul Rohatgi ने अदालत में दलील दी कि जांच एजेंसी हर संबंधित व्यक्ति को जेल में नहीं डाल सकती। विपक्षी पक्ष ने तर्क दिया कि मामला गंभीर है और इसमें 30 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है।
अगली सुनवाई और प्रतिवादी की भूमिका
अदालत ने मामले में Indira Entertainment LLP के मालिक को प्रतिवादी के रूप में शामिल करने का निर्देश भी दिया है। अगली सुनवाई अगले गुरुवार के लिए तय की गई है, जिसमें मामले की विस्तृत जांच होगी।
कोर्ट की राहत का मतलब
इस फैसले से स्पष्ट हुआ कि सुप्रीम कोर्ट आपराधिक कानून का गलत इस्तेमाल रोकने के पक्ष में है। अंतरिम जमानत मिलने के बाद Vikram Bhatt और Shwetambari Bhatt मामले की सुनवाई तक कानूनी सुरक्षा में रहेंगे।