विधवा पेंशन बंद होने से परेशान बेटा मां को लेकर कलेक्टर दफ्तर पहुंचा, सिस्टम पर फूटा गुस्सा
इंदौर:
इंदौर कलेक्टरेट से सामने आया एक भावुक वीडियो इन दिनों चर्चा में है, जिसमें एक युवक अपनी विधवा मां की रुकी पेंशन को लेकर सरकारी व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करता दिख रहा है। वीडियो में उसकी बेबसी और गुस्सा साफ झलकता है, जबकि पास खड़ी बुजुर्ग मां उसे शांत करने की कोशिश करती नजर आती है।
बताया जा रहा है कि युवक दिनेश प्रजापति अपनी मां की बंद विधवा पेंशन शुरू करवाने के लिए कई महीनों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहा था। उसकी मां की पेंशन करीब एक साल से केवाईसी के अभाव में रुकी हुई थी, जिससे परिवार आर्थिक संकट में आ गया था।
जनसुनवाई में फूटा गुस्सा
दिनेश जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर दफ्तर पहुंचा था। उसका कहना था कि वह कई मंगलवार से अधिकारियों से गुहार लगा रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। घंटों लाइन में खड़े रहने और अधिकारियों से मुलाकात न होने पर उसका धैर्य टूट गया और उसने दफ्तर में ही अपनी पीड़ा जाहिर की।
परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर
दिनेश दिहाड़ी मजदूरी और छोटे-मोटे काम करके परिवार चलाता है। किराए के मकान में रहने वाले इस परिवार के लिए मां की ₹7,200 की विधवा पेंशन ही मुख्य सहारा थी। पेंशन बंद होने से उनकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया था।
वीडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई
वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया। अधिकारियों के हस्तक्षेप से मां की केवाईसी पूरी कराई गई और रुकी हुई पेंशन खाते में जारी कर दी गई। साथ ही मां-बेटे के स्वास्थ्य परीक्षण और इलाज की व्यवस्था भी कराई गई।
सवाल अब भी कायम
हालांकि मामला सुलझ गया है, लेकिन इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है — क्या गरीबों की आवाज सुने जाने के लिए उन्हें इस तरह सार्वजनिक रूप से अपनी बेबसी जाहिर करनी पड़ेगी?