Vedanta के शेयर ने छुआ ऑल-टाइम हाई, अग्निवेश अग्रवाल के निधन के बाद भी निवेशकों का भरोसा बना
वेदांता लिमिटेड के शेयर में पिछले कुछ दिनों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल के निधन के बाद कंपनी के शेयर पहले कुछ समय तक सुस्त नजर आए थे, लेकिन अब यह 52 वीक हाई पर पहुंचकर निवेशकों का भरोसा दोबारा जीत रहा है।
🟦 शेयर में तेजी और मार्केट कैप
बुधवार को वेदांता का शेयर 637 रुपये से खुलकर 676 रुपये के आसपास बंद हुआ। दिन के दौरान यह 679.45 रुपये तक पहुंच गया। इस बढ़त के साथ कंपनी का मार्केट कैप 2.51 लाख करोड़ रुपये पार कर गया है।
🟦 तेजी के कारण
विशेषज्ञों के मुताबिक, शेयर में तेजी के पीछे कई कारण हैं:
- ब्रोकरेज हाउस की पॉजिटिव राय
- वेदांता के डी-मर्जर प्लान पर चर्चा
- मेटल और माइनिंग सेक्टर में बढ़ी खरीदारी
🟦 डी-मर्जर प्लान क्या है?
वेदांता का डी-मर्जर अब अंतिम चरण में है। इसके तहत कंपनी को पांच अलग-अलग बिजनेस यूनिट्स में बांटा जाएगा:
- एल्युमिनियम
- ऑयल और गैस
- पावर
- आयरन और स्टील
- मौजूदा वेदांता लिमिटेड (जिसमें हिंदुस्तान जिंक शामिल होगा)
इस योजना के बाद सभी कंपनियां अलग-अलग शेयर बाजार में लिस्टेड होंगी, जिससे निवेशकों को कंपनी की वैल्यू और साफ़ तौर पर समझ में आएगी।
🟦 ब्रोकरेज का नया टारगेट
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने शेयर को टॉप पिक बताते हुए टारगेट प्राइस बढ़ाकर 806 रुपये कर दिया है। पहले यह टारगेट 686 रुपये था। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की वैल्यू बेहतर है, इनकम मजबूत है और कैश फ्लो भी अच्छा बना हुआ है।
🟦 हालिया रिटर्न
- एक हफ्ते में: +8%
- एक महीने में: +24%
- एक साल में: लगभग +55%
वर्तमान में शेयर अपने ऑल-टाइम हाई पर ट्रेड कर रहा है।
🟦 अग्निवेश अग्रवाल का योगदान
अग्निवेश अग्रवाल का हाल में निधन हुआ। वे वेदांता ग्रुप में अहम जिम्मेदारियां निभा रहे थे और कई कंपनियों से जुड़े थे। उनका निधन 7 जनवरी को अमेरिका में स्कीइंग हादसे के बाद हुआ।
🟦 अनिल अग्रवाल का भावुक संदेश
बेटे के निधन के बाद अनिल अग्रवाल ने कहा:
- वे और उनकी पत्नी इस समय टूट चुके हैं
- अग्निवेश से किए वादे के तहत कमाई का 75% हिस्सा समाज के लिए दिया जाएगा
- भविष्य में वे और ज्यादा सादगी से जीवन बिताना चाहते हैं
वेदांता के शेयर की तेजी और डी-मर्जर प्लान की संभावनाओं ने निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत किया है। अगर योजना के अनुसार नए बिजनेस यूनिट्स शेयर बाजार में लिस्ट होती हैं, तो निवेशकों को हर नई कंपनी का शेयर मिलेगा और ग्रुप की वैल्यू और अधिक स्पष्ट होगी।