उत्तराखंड में नए साल पर बदल सकता है मौसम, पहाड़ों में बारिश-बर्फबारी के आसार
नए साल 2026 की शुरुआत उत्तराखंड के लिए राहत भरे संकेत लेकर आ सकती है। लंबे समय से सूखे मौसम से जूझ रहे पहाड़ी इलाकों में अब बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर से ऊंचाई वाले जिलों में मौसम करवट ले सकता है, जिससे पर्यटन और खेती दोनों को संजीवनी मिलने की उम्मीद है।
🔹 नवंबर-दिसंबर रहा असामान्य रूप से सूखा
साल 2025 का नवंबर और दिसंबर उत्तराखंड के लिए बेहद निराशाजनक रहा। इस दौरान न तो बारिश हुई और न ही बर्फबारी देखने को मिली। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह पिछले करीब सात वर्षों में सबसे सूखा दिसंबर रहा, जिससे सर्दियों का असर कमजोर पड़ गया।
🔹 पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम
उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और पहाड़ों पर सर्दी का असली एहसास लौट सकता है।
🔹 इन जिलों में बर्फबारी की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में बर्फ गिरने के आसार हैं। वहीं निचले और मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहने के साथ घना कोहरा छा सकता है।
🔹 मैदानी इलाकों में कोहरे का असर
हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे जिलों में सुबह और रात के समय घना कोहरा देखने को मिल सकता है। इसके चलते दृश्यता कम रहने और ठंड बढ़ने की संभावना है, जिससे यातायात और जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
🔹 पर्यटन कारोबार को हुआ नुकसान
बारिश और बर्फबारी न होने का सीधा असर पर्यटन पर पड़ा है। मसूरी और नैनीताल जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर नए साल के दौरान होटल बुकिंग करीब 50 प्रतिशत तक ही सीमित रही। होटल व्यवसायियों का कहना है कि आमतौर पर इस समय कमरे पूरी तरह बुक रहते हैं।
🔹 खेती और बागवानी पर भी संकट
मौसम की बेरुखी से सिर्फ पर्यटन ही नहीं, बल्कि खेती और बागवानी भी प्रभावित हुई है। रबी की फसल जैसे गेहूं, सरसों और दालों की बुवाई पर असर पड़ा है। पहाड़ी क्षेत्रों में सिंचाई के सीमित साधनों के कारण किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
🔹 1 से 5 जनवरी तक का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने 1 जनवरी से 5 जनवरी तक के लिए पूर्वानुमान जारी किया है। इस दौरान कई पहाड़ी जिलों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। साथ ही मैदानी इलाकों के लिए घना कोहरा और शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
🔹 राहत और चुनौती साथ-साथ
अगर अनुमान के मुताबिक बारिश और बर्फबारी होती है, तो यह पर्यटन और खेती दोनों के लिए राहत भरी होगी। हालांकि, कोहरा और ठंड बढ़ने से मैदानी इलाकों में जनजीवन प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी।
नया साल उत्तराखंड के लिए मौसम के लिहाज से उम्मीद लेकर आया है। लंबे सूखे के बाद अगर पहाड़ों पर बर्फ गिरती है, तो यह न सिर्फ सर्दियों की रौनक लौटाएगी, बल्कि अर्थव्यवस्था से जुड़े कई क्षेत्रों को भी सहारा देगी।