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अमेरिका की वीजा सख्ती का जवाब: माली और बुर्किना फासो ने अमेरिकी नागरिकों पर लगाई एंट्री रोक


अमेरिका द्वारा पश्चिम अफ्रीकी देशों के नागरिकों पर वीजा पाबंदियां लागू किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक तनाव बढ़ता दिख रहा है। इसी क्रम में माली और बुर्किना फासो ने अमेरिकी नागरिकों के अपने देश में प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला किया है। दोनों देशों ने इसे ‘पारस्परिकता’ का सीधा जवाब बताया है।


🟠 अमेरिकी फैसले के जवाब में अफ्रीकी देशों का पलटवार

पश्चिम अफ्रीका के माली और बुर्किना फासो ने अमेरिका के नागरिकों के लिए वीजा जारी करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला अमेरिका द्वारा उनके नागरिकों पर लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों के प्रतिकार में लिया गया है। दोनों देशों ने साफ किया है कि जब तक अमेरिका की नीति नहीं बदलती, तब तक यह रोक प्रभावी रहेगी।


🟠 क्या था अमेरिका का आदेश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 16 दिसंबर को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत माली, बुर्किना फासो और नाइजर समेत 20 नए देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर पाबंदी लगाई गई। यह आदेश 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो गया है।


🟠 व्हाइट हाउस की दलील: राष्ट्रीय सुरक्षा

व्हाइट हाउस ने अपने बयान में कहा कि यह फैसला अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रशासन का तर्क है कि संबंधित देशों में वीजा जांच की प्रक्रिया कमजोर है, जानकारी साझा करने में सहयोग नहीं किया जाता और कई मामलों में निर्वासित नागरिकों को वापस लेने से इनकार किया गया है।


🟠 माली का बयान: जैसे को तैसा

माली के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए नियम और शर्तें अब अमेरिकी नागरिकों पर भी उसी तरह लागू होंगी। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह फैसला ‘रेसिप्रोसिटी’ यानी पारस्परिकता के सिद्धांत पर आधारित है और तत्काल प्रभाव से लागू होगा।


🟠 बुर्किना फासो ने भी अपनाया सख्त रुख

बुर्किना फासो के विदेश मंत्री करामोको जीन-मैरी ट्राओरे ने भी अमेरिकी नागरिकों के लिए वीजा पाबंदी की घोषणा की। उन्होंने कहा कि किसी भी देश को एकतरफा फैसले थोपने का अधिकार नहीं है और सम्मान आधारित संबंध ही स्वीकार्य हैं।


🟠 किन-किन देशों पर लागू हुई अमेरिकी पाबंदी

अमेरिका ने माली और बुर्किना फासो के अलावा लाओस, नाइजर, सिएरा लियोन, साउथ सूडान और सीरिया के नागरिकों को वीजा देने पर रोक लगाई है।
इसके अलावा फिलिस्तीनी प्राधिकरण द्वारा जारी यात्रा दस्तावेज रखने वालों की भी अमेरिका में एंट्री पर रोक लगाई गई है।


🟠 पहले से प्रतिबंधित देशों की सूची

अफगानिस्तान, म्यांमार, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान, यमन, हैती और इरिट्रिया जैसे देशों पर पहले से ही सख्त अमेरिकी वीजा पाबंदियां लागू हैं, जिन्हें अब और कड़ाई से लागू किया जा रहा है।


🟠 असली वजह: आतंकवाद और अस्थिरता

माली, बुर्किना फासो और नाइजर लंबे समय से अल-कायदा और आईएसआईएस से जुड़े आतंकी संगठनों की हिंसा से जूझ रहे हैं। इस अस्थिरता के कारण लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। अमेरिका का मानना है कि इन हालातों में सुरक्षा जोखिम बढ़ जाता है।


🟠 बढ़ता कूटनीतिक टकराव

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला सिर्फ वीजा नीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक राजनीति में बढ़ते ध्रुवीकरण और अफ्रीकी देशों की स्वतंत्र विदेश नीति का संकेत भी देता है। आने वाले समय में इससे अमेरिका-अफ्रीका संबंधों में और तनाव देखने को मिल सकता है।

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