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अमेरिकी संसद में गूंजा दक्षिण एशियाई आतंक का अलर्ट, पाकिस्तान‑अफगानिस्तान से ‘लोन वुल्फ’ खतरे की चेतावनी…

खुफिया रिपोर्ट: डिजिटल कट्टरपंथ अब अमेरिका के लिए सीधा खतरा

अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों ने कांग्रेस को चेतावनी दी है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क, विशेष रूप से ISIS और अल-कायदा, अब पारंपरिक हमलों की बजाय ‘डिजिटल कट्टरपंथ’ और ‘लोन वुल्फ’ हमलों के जरिए अमेरिका को सीधे निशाना बना रहे हैं।

ऑनलाइन प्रेरणा के जरिए हमले

नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर (NCTC) के निदेशक जोसेफ केंट ने बताया कि अफगानिस्तान में अस्थिरता के कारण ये समूह फिर से सक्रिय हो रहे हैं। अब वे ऑनलाइन प्रचार, एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन और वैचारिक संदेश के जरिए लोगों को हिंसा के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

“अब आतंकी हमलों की रणनीति सुनियोजित सेल अटैक से हटकर प्रेरणा आधारित ‘लोन वुल्फ’ हमलों की ओर बढ़ रही है,” केंट ने कहा।

‘लोन वुल्फ’ हमले: अकेले हमलावर का खतरा

‘लोन वुल्फ’ हमला वह है जिसमें विदेशी आतंकवादी समूहों से डिजिटल माध्यमों से कट्टरपंथी बनाए गए व्यक्ति, बिना प्रत्यक्ष कमांड के, अमेरिका के भीतर स्वतंत्र रूप से हमला कर सकते हैं।

FBI नेशनल सिक्योरिटी ब्रांच ऑपरेशंस के निदेशक माइकल ग्लाशीन ने भी पुष्टि की कि ये हमले अब अमेरिका के लिए तात्कालिक खतरे का रूप ले चुके हैं।

वीटिंग प्रक्रिया में चूक

जोसेफ केंट ने कहा कि दक्षिण एशियाई मूल के कुछ खतरे अमेरिकी निकासी के बाद की वीटिंग (सुरक्षा जांच) विफलताओं से जुड़े हैं। ऐसे व्यक्तियों को आम तौर पर अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलती, लेकिन आपातकालीन कार्यक्रम के तहत उन्हें अनुमति दी गई, जिनमें बाद में आतंकवादी संबंध पाए गए।

संसद में राजनीतिक टकराव

सुनवाई के दौरान राजनीतिक बहस भी तेज हो गई। भारतीय-अमेरिकी सांसद श्री थानेदार और होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम के बीच आव्रजन प्रवर्तन और अदालत के आदेशों को लेकर तीखी नोकझोंक हुई। थानेदार ने नोएम पर कांग्रेस को गुमराह करने का आरोप लगाया, जबकि नोएम ने इसे खारिज कर दिया।

थानेदार ने कहा, “मैं आपके झूठ से तंग आ चुका हूं। अमेरिकी लोग सच्चाई की मांग करते हैं।”
नोएम ने जवाब दिया, “मैं आपके इस्तीफे की मांग को अपने काम के समर्थन के रूप में मानूंगी।”

दक्षिण एशिया से अमेरिका तक खतरा

इस रिपोर्ट से स्पष्ट है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान से जुड़े आतंकी समूह अब अधिक परिष्कृत और डिजिटल माध्यमों पर केंद्रित हो गए हैं। यह अमेरिका के लिए नए सुरक्षा परिदृश्य का संकेत है, जिसमें आतंकवादी प्रेरित अकेले हमलावर (‘लोन वुल्फ’) सबसे चुनौतीपूर्ण खतरा बन गए हैं।

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