उदयपुर में महिला बीजेपी नेता से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप, वकील गिरफ्तार महिला नेता की शिकायत पर भूपालपुरा थाने में FIR
उदयपुर में सामने आए एक गंभीर मामले में बीजेपी की एक महिला नेता ने स्थानीय अधिवक्ता विशाल गुर्जर के खिलाफ भूपालपुरा पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। शिकायत में दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, नशीला पदार्थ देकर आपत्तिजनक वीडियो बनाने और आईटी एक्ट के तहत अपराध के आरोप लगाए गए हैं। मामला सामने आते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की।
नशीला पदार्थ देकर वीडियो बनाने का आरोप
पीड़िता के अनुसार वह पिछले करीब एक वर्ष से आरोपी वकील के कार्यालय में जूनियर के रूप में कार्यरत थीं। आरोप है कि कुछ महीने पहले आरोपी ने उन्हें ऑफिस बुलाया और कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। पीड़िता के बेहोशी जैसी हालत में होने के दौरान आरोपी ने आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लिए।
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दबाव बनाने का दावा
महिला नेता का कहना है कि आरोपी ने रिकॉर्ड किए गए वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया। इसके अलावा एक अन्य कानूनी प्रकरण में समझौता कराने के लिए भी ब्लैकमेल किया गया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हुए लंबे समय तक दबाव बनाए रखा।
AI से फर्जी वीडियो बनाने का भी आरोप
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि आरोपी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग कर पीड़िता के परिचितों के साथ कथित रूप से फर्जी आपत्तिजनक वीडियो तैयार किए। इन वीडियो को आधार बनाकर लगातार धमकाने और दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है।
गिरफ्तारी, रिमांड और जेल भेजे जाने की कार्रवाई
FIR दर्ज होने के कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने रात के समय आरोपी को उसके घर से हिरासत में लिया। उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया और बाद में न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और डिजिटल साक्ष्य जब्त कर जांच शुरू कर दी गई है।
FSL जांच से वीडियो की असलियत की पुष्टि की जाएगी
पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। वीडियो की वास्तविकता की पुष्टि के लिए उन्हें फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वीडियो असली हैं या AI तकनीक से बनाए गए हैं।
आरोपी पक्ष का पलटवार, जांच पर सवाल
आरोपी की पत्नी ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर जांच अधिकारी बदलने की मांग की है। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने घर में जबरन प्रवेश किया, सीसीटीवी फुटेज जब्त की और कथित तौर पर मारपीट की। आरोपी पक्ष ने पूरे मामले को साजिश करार देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुराने धोखाधड़ी मामले में भी नाम सामने आया
इस प्रकरण के साथ ही आरोपी वकील पर एक पुराने मामले में भी कार्रवाई हुई है। आरोप है कि उसने बेंगलुरु के एक व्यक्ति से पारिवारिक कोर्ट केस सुलझाने के नाम पर 8.75 लाख रुपये लिए, लेकिन न तो समझौता कराया और न ही संपर्क में रहा। इस मामले में उसे प्रोडक्शन वारंट के जरिए गिरफ्तार किया गया था।
उदयपुर से जयपुर तक राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा
पूरा मामला उदयपुर से लेकर जयपुर तक राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। बीजेपी और कांग्रेस से जुड़े कई नेताओं के नामों को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।