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सिडनी बीच हमले पर ट्रंप का सख्त संदेश: कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ दुनिया एकजुट हो…

हनुक्का समारोह के दौरान हुई गोलीबारी पर अमेरिका की कड़ी प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर हुई गोलीबारी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। यह हमला यहूदी हनुक्का फेस्टिवल के दौरान हुआ, जिसमें कई लोगों की मौत और कई के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। ट्रंप ने इसे कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकवाद से जोड़ते हुए सभी देशों से एकजुट होने की अपील की है।

व्हाइट हाउस से पीड़ितों को श्रद्धांजलि

व्हाइट हाउस में आयोजित हनुक्का रिसेप्शन के दौरान ट्रंप ने बॉन्डी बीच हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस दुख की घड़ी में ऑस्ट्रेलियाई जनता और यहूदी समुदाय के साथ खड़ा है।
ट्रंप ने कहा,

“हम मारे गए लोगों के शोक में एकजुट हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। कुछ लोग बेहद गंभीर स्थिति में हैं।”

‘यहूदियों का हमेशा समर्थक रहूंगा’

अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह यहूदी समुदाय के मित्र और समर्थक बने रहेंगे। उन्होंने सभी देशों से आग्रह किया कि वे कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकवाद की बुराई के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई करें, ताकि ऐसे हमलों को रोका जा सके।

ऑस्ट्रेलियाई जांच में ISIS लिंक का दावा

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी एल्बनीज ने कहा है कि जांच एजेंसियों के निष्कर्ष ठोस सबूतों पर आधारित हैं। घटनास्थल से एक वाहन बरामद किया गया है, जिस पर ISIS का झंडा लगा हुआ था।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, संदिग्धों नावेद अकरम और साजिद अकरम को लेकर जांच एजेंसियों को अहम जानकारियां मिली हैं।

हथियार कानूनों पर सख्ती की मांग

इस हमले के बाद ऑस्ट्रेलिया में एक बार फिर गन लॉ को और सख्त करने की मांग तेज हो गई है। एल्बनीज सहित कई नेताओं ने कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए हथियारों पर नियंत्रण बेहद जरूरी है।
गौरतलब है कि इससे पहले ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा हमला 1996 में तस्मानिया में हुआ था, जिसमें 35 लोगों की मौत हुई थी।

ट्रंप ने बढ़ाया ट्रेवल बैन

इसी बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कई देशों पर यात्रा प्रतिबंध और बढ़ा दिया है।
अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध जिन देशों पर लागू या विस्तारित किया गया है, उनमें शामिल हैं—
अफगानिस्तान, म्यांमार, चाड, कांगो, गिनी, इरीट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान समेत कई अन्य देश।
इसके अलावा बुर्कीना फासो, माली, नाइजर, साउथ सूडान और सीरिया को भी अब इस सूची में जोड़ा गया है।
फलस्तीनी अथॉरिटी द्वारा जारी दस्तावेजों पर यात्रा करने वाले नागरिकों के अमेरिका प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है।

आतंकवाद, सुरक्षा और वैश्विक राजनीति

सिडनी हमले पर ट्रंप की प्रतिक्रिया केवल संवेदना तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह वैश्विक सुरक्षा नीति का संकेत भी है। कट्टरपंथी आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई की अपील और ट्रेवल बैन का विस्तार यह दिखाता है कि अमेरिका इस मुद्दे को आंतरिक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति दोनों के नजरिए से देख रहा है।

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