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अमेरिकी सैनिकों के लिए ट्रंप का बड़ा ऐलान: हर जवान को मिलेगा 1,776 डॉलर का ‘वॉरियर डिविडेंड’, जानिए वजह

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सेना को लेकर एक बड़ा और भावनात्मक ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी सशस्त्र बलों में सेवा देने वाले लाखों जवानों को एक बार के विशेष सम्मान के तौर पर 1,776 डॉलर (करीब 1.6 लाख रुपये) दिए जाएंगे। इस भुगतान को उन्होंने देश की स्थापना के वर्ष 1776 से जोड़ते हुए इसे ‘वॉरियर डिविडेंड’ नाम दिया है।


अमेरिकी सेना के नाम ट्रंप का सीधा संदेश

बुधवार, 17 दिसंबर (स्थानीय समय) को राष्ट्र के नाम संबोधन में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की सुरक्षा और स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाले सैनिक इस सम्मान के सबसे बड़े हकदार हैं। उन्होंने इसे देश की ओर से सेना के प्रति आभार बताया।


1776 से जुड़ा है भुगतान का प्रतीकात्मक अर्थ

ट्रंप ने साफ किया कि हर सैनिक को मिलने वाली राशि 1,776 डॉलर अमेरिका के स्थापना वर्ष 1776 का प्रतीक है। उनका कहना था कि यह रकम सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि अमेरिका के इतिहास और सैनिकों की भूमिका को सम्मान देने का तरीका है।


कितने सैनिकों को मिलेगा वॉरियर डिविडेंड

इस योजना के तहत 14.5 लाख से ज्यादा सैन्य कर्मियों को यह विशेष भुगतान दिया जाएगा। ट्रंप ने बताया कि सभी योग्य सैनिकों को क्रिसमस से पहले यह राशि मिल जाएगी और चेक पहले ही भेजे जा चुके हैं।


सरकार के पास पैसा कहां से आया?

राष्ट्रपति ट्रंप के मुताबिक, हाल के महीनों में टैरिफ से उम्मीद से ज्यादा राजस्व मिला है। इसके अलावा, हाल ही में पास हुए जिस कानून को उन्होंने “बिग ब्यूटीफुल बिल” कहा, उसने भी सरकार की आय बढ़ाने में मदद की। इसी अतिरिक्त कमाई से यह भुगतान संभव हो पाया है।


किन सैनिकों को मिलेगा 1.6 लाख का चेक

यह राशि सभी सैनिकों को नहीं, बल्कि कुछ तय श्रेणियों को दी जाएगी:

  • पे ग्रेड O-6 और उससे नीचे के सभी एक्टिव-ड्यूटी सैनिक
  • वे *रिजर्व फोर्स के जवान, जिन्हें 30 नवंबर 2025 तक कम से कम *31 दिन या उससे अधिक के एक्टिव-ड्यूटी आदेश मिले हों

हर साल नहीं मिलेगा यह पैसा

सरकार ने साफ किया है कि यह कोई नियमित या वार्षिक लाभ नहीं है। ‘वॉरियर डिविडेंड’ एक बार दिया जाने वाला भुगतान है, जिसे विशेष सम्मान के तौर पर पेश किया गया है।


राजनीतिक और रणनीतिक मायने

विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम एक तरफ सेना का मनोबल बढ़ाने के लिए है, तो दूसरी ओर यह ट्रंप की राष्ट्रवादी और सैनिक-समर्थक राजनीति को भी मजबूती देता है। 1776 जैसे ऐतिहासिक संदर्भ के इस्तेमाल से ट्रंप ने इस फैसले को भावनात्मक और प्रतीकात्मक दोनों बना दिया है।


कुल मिलाकर, डोनाल्ड ट्रंप का यह फैसला अमेरिकी सेना के लिए आर्थिक राहत के साथ-साथ सम्मान का संदेश भी है। भले ही यह भुगतान एक बार का हो, लेकिन इसका राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक असर लंबे समय तक दिख सकता है।

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