अलवर के परबैनी में जनजातीय स्वाभिमान महोत्सव, भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर भूपेंद्र यादव ने किया चिड़ियाघर भूमि पूजन…
अलवर जिले के रैणी क्षेत्र स्थित ग्राम परबैनी में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर जनजातीय स्वाभिमान महोत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम ने जनजातीय गौरव, संस्कृति और आत्मसम्मान का संदेश दिया।
पारंपरिक नृत्य-गीतों से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत जनजातीय परंपराओं के अनुरूप पारंपरिक नृत्य और लोकगीतों से हुई। स्थानीय कलाकारों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से माहौल को उत्सवमय बना दिया। ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से मंत्री भूपेंद्र यादव और अतिथियों का स्वागत किया।
चिड़ियाघर भूमि पूजन और विकास परियोजनाओं की घोषणा
मंत्री भूपेंद्र यादव ने परबैनी में बनने वाले चिड़ियाघर की भूमि पर फावड़ा चलाकर विधिवत भूमि पूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने 4.5 करोड़ रुपए की लागत से परबैनी गांव में आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम निर्माण की घोषणा की। मंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र में पर्यटन और खेल को बढ़ावा देने के साथ रोजगार के अवसर भी पैदा करेंगी।
बिरसा मुंडा के आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा केवल एक आदिवासी नायक नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानी थे। उन्होंने आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा और उनके उत्थान के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। यादव ने कहा कि बिरसा मुंडा का त्याग और समर्पण आज भी देशवासियों को प्रेरित करता है।
जनजातीय स्वाभिमान का प्रतीक बना महोत्सव
यह आयोजन न केवल भगवान बिरसा मुंडा की जयंती का उत्सव था, बल्कि जनजातीय समाज की संस्कृति और स्वाभिमान का प्रदर्शन भी बना। ग्रामीणों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने यह साबित किया कि आज भी बिरसा मुंडा की विचारधारा जन-जन के हृदय में जीवित है। कार्यक्रम का समापन ‘ढांचा दंगल’ गीतों की प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
क्षेत्र में विकास और जनसहभागिता का संदेश
महोत्सव में मौजूद भाजपा नेता बन्नाराम मीणा और अन्य जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रतीक भी है। समारोह में भाजपा कार्यकर्ता, सामाजिक संगठन और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आयोजित यह जनजातीय स्वाभिमान महोत्सव अलवर के परबैनी गांव के लिए गौरव का क्षण बना। इस आयोजन ने जहां आदिवासी संस्कृति की समृद्ध परंपरा को सम्मान दिया, वहीं क्षेत्र में विकास की नई दिशा की शुरुआत भी की।