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“‘टॉक्सिक’ टीज़र पर बवाल: गीतू मोहनदास को क्यों कहा जा रहा ‘फीमेल संदीप रेड्डी वांगा’?”


यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ का टीज़र रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई। जहां कुछ दर्शक इसके स्टाइल और एटिट्यूड की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कई यूजर्स ने फिल्म की निर्देशक गीतू मोहनदास को ‘फीमेल संदीप रेड्डी वांगा’ कहना शुरू कर दिया। आखिर यह तुलना क्यों हो रही है?


1️⃣ यश के जन्मदिन पर रिलीज हुआ धमाकेदार टीज़र

“बोल्ड टोन और इंटेंस लुक ने खींचा ध्यान”
कन्नड़ सुपरस्टार यश के 40वें जन्मदिन पर जारी टीज़र ने तुरंत सुर्खियां बटोरीं। गैंगस्टर ड्रामा के रूप में पेश की गई इस फिल्म में यश का आक्रामक अंदाज, हिंसक एक्शन और गहरी डार्क थीम दिखाई देती है, जिसने दर्शकों को दो धड़ों में बांट दिया है।


2️⃣ ‘केजीएफ’ के बाद यश का बड़ा दांव

“महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट, नया अवतार”
‘टॉक्सिक’ यश की ‘केजीएफ’ सीरीज़ के बाद पहली बड़ी रिलीज मानी जा रही है। फिल्म 1950–60 के दशक की ड्रग माफिया की दुनिया पर आधारित बताई जा रही है और इसे मलयालम सिनेमा की चर्चित निर्देशक गीतू मोहनदास ने निर्देशित किया है।


3️⃣ विवाद की जड़: एक सीन और ‘टॉक्सिक मस्कुलिनिटी’ का आरोप

“महिला किरदार के चित्रण पर उठे सवाल”
टीज़र के एक दृश्य में महिला पात्र को कथित तौर पर अत्यधिक ‘सेक्सुअलाइज्ड’ तरीके से दिखाए जाने पर सोशल मीडिया पर आलोचना शुरू हो गई। कई यूजर्स ने इसे ‘टॉक्सिक मस्कुलिनिटी’ को बढ़ावा देने वाला बताया और पूछा कि क्या यह महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ नहीं है।


4️⃣ ‘फीमेल वांगा’ की तुलना कैसे शुरू हुई

“नेटिज़न्स की टैगलाइन ने बढ़ाया विवाद”
एक्स (पूर्व ट्विटर) पर कुछ पोस्ट्स में गीतू मोहनदास की तस्वीर साझा करते हुए उन्हें ‘संदीप रेड्डी वांगा का फीमेल वर्ज़न’ कहा गया। यह तुलना इसलिए भी तेज हुई क्योंकि वांगा की फिल्मों (‘कबीर सिंह’, ‘एनिमल’) में महिला किरदारों के चित्रण को लेकर पहले से बहस होती रही है।


5️⃣ संदीप रेड्डी वांगा की तारीफ से और गरमाया माहौल

“‘स्टाइल, एटिट्यूड और कैओस’—तारीफ बनी ट्रिगर”
खुद संदीप रेड्डी वांगा ने टीज़र की सराहना करते हुए इसे “स्टाइल, एटिट्यूड और कैओस” कहा। उनकी पोस्ट के बाद आलोचकों ने दावा किया कि यदि वांगा को फिल्म पसंद आई है तो इसमें ‘टॉक्सिक एलिमेंट्स’ जरूर होंगे, जबकि समर्थकों ने इसे फिल्म की निर्भीकता बताया।


6️⃣ कौन हैं गीतू मोहनदास

“अवार्ड-विनिंग फिल्ममेकर से कमर्शियल सिनेमा तक”
गीतू मोहनदास (असल नाम गायत्री दास) मलयालम सिनेमा की प्रतिष्ठित निर्देशक हैं। ‘लायर्स डाइस’ और ‘मूथोन’ जैसी फिल्मों के लिए वे राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी हैं। एक समय अभिनेत्री रहीं गीतू को पहले महिला सशक्तिकरण पर आधारित सिनेमा के लिए जाना जाता था—यही वजह है कि ‘टॉक्सिक’ की थीम से उनकी ‘इमेज शिफ्ट’ पर चर्चा तेज है।


7️⃣ मल्टी-लैंग्वेज रिलीज और बड़ा प्रोडक्शन

“हिंदी सहित पांच भाषाओं में आएगी फिल्म”
केवीएन प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के बैनर तले बनी यह फिल्म हिंदी, कन्नड़, तेलुगु, तमिल और मलयालम में रिलीज होगी। बड़े पैमाने पर बनी इस फिल्म से बॉक्स ऑफिस और कंटेंट—दोनों मोर्चों पर बड़ी उम्मीदें हैं।


“बोल्ड फिल्ममेकिंग या अनावश्यक विवाद?”
‘टॉक्सिक’ का टीज़र यह दिखाता है कि आज का सिनेमा सिर्फ कहानी नहीं, बल्कि प्रस्तुति और प्रतीकों से भी जज किया जा रहा है। जहां एक वर्ग इसे निडर और स्टाइलिश फिल्ममेकिंग मानता है, वहीं दूसरा वर्ग महिला किरदारों के चित्रण पर सवाल उठा रहा है। ‘फीमेल संदीप रेड्डी वांगा’ की तुलना दरअसल उस बड़ी बहस का हिस्सा है—क्या सिनेमाई ‘बोल्डनेस’ सामाजिक जिम्मेदारी से ऊपर हो सकती है? अंतिम फैसला फिल्म की रिलीज के बाद दर्शकों के अनुभव पर निर्भर करेगा।

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