दिल्ली में ठंड के साथ बढ़ा जहरीला धुआं: औसत AQI 386, कई इलाके गंभीर श्रेणी के करीब…
दिल्ली में तापमान गिरने के साथ हवा की गुणवत्ता और खराब हो गई है। राजधानी का औसत AQI 386 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी की सीमा को पार कर गंभीर स्थिति की ओर बढ़ रहा है। प्रदूषण के स्तर को लेकर वैज्ञानिक और पर्यावरण विशेषज्ञ लगातार चिंता जता रहे हैं।
राजधानी की हवा फिर बनी जहरभरी
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शुक्रवार सुबह भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रही। कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI गंभीर श्रेणी के कगार पर पहुंच गया, जिससे लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी और गले में खारापन जैसी समस्याएँ बढ़ गईं।
औसत AQI 386, हालात चिंता बढ़ाने वाले
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली का औसत AQI 386 दर्ज हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में गिरावट और हवा की गति धीमी होने की वजह से प्रदूषक जमीन के आसपास ही जमा होते जा रहे हैं।
डीएसएस रिपोर्ट: पराली और ट्रांसपोर्ट सबसे बड़े कारक
डीसीसीएपी डेसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) के मुताबिक, दिल्ली में शुक्रवार को प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान 8.5% रहा। वहीं सबसे बड़ा योगदान 19.8% ट्रांसपोर्ट यानी वाहनों के उत्सर्जन का रहा, जो अन्य सभी स्रोतों से अधिक है।
हवा की धीमी रफ्तार ने बढ़ाई समस्या
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, हवा की गति लगातार धीमी बनी हुई है, जिससे प्रदूषण फैलने के बजाय हवा में ही जमा हो रहा है। इस वजह से रात और सुबह के समय स्मॉग साफ दिखाई देता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
डॉक्टरों का कहना है कि बढ़ते प्रदूषण से खासतौर पर बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और जिन लोगों को पहले से सांस या दिल की बीमारी है, उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। N95 मास्क पहनना, बाहर कम समय बिताना और घर के भीतर एयर प्यूरीफायर का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है।
सरकार ने भी बढ़ाया मॉनिटरिंग व अलर्ट लेवल
प्रदूषण बढ़ने के साथ प्रशासन ने भी स्थिति पर नजर कड़ी कर दी है। प्रदूषण स्रोतों की निगरानी बढ़ाई जा रही है और संबंधित एजेंसियों को नियंत्रक उपाय तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।