Toll Update 2026: बिना टोल क्लियरेंस के अब अपनी ही गाड़ी नहीं बेच पाएंगे!
सरकार जल्द ही मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम लागू करने जा रही है। इसमें टोल प्लाजा की बैरियर लाइन हटाई जाएगी और हाई-टेक कैमरे आपकी गाड़ी को स्कैन कर टोल का ऑटो डेबिट करेंगे। ऐसे में अगर आपके वाहन पर कोई टोल बकाया है, तो अब आप अपनी ही गाड़ी के साथ कई जरूरी काम नहीं कर पाएंगे।
नया नियम क्या कहता है?
‘सेंट्रल मोटर व्हीकल्स नियम, 2026’ के तहत अब गाड़ी का मालिकाना हक बदलना आसान नहीं होगा।
1. गाड़ी का ट्रांसफर
- अगर वाहन पर किसी भी टोल प्लाजा का बकाया है, तो NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) नहीं मिलेगा।
- बिना बकाया चुकाए आप गाड़ी किसी और के नाम ट्रांसफर नहीं कर पाएंगे।
2. दूसरे राज्य में ले जाना
- गाड़ी को एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जाने के लिए भी टोल क्लियरेंस जरूरी होगी।
- बिना यह भुगतान NOC जारी नहीं होगी।
3. फिटनेस सर्टिफिकेट
- आपकी गाड़ी रोड पर चलने लायक है या नहीं, इसका फिटनेस सर्टिफिकेट तब तक रिन्यू नहीं होगा जब तक पिछला टोल भरा न हो।
फॉर्म 28 में बदलाव
- अब वाहन मालिक को फॉर्म 28 में स्पष्ट रूप से बताना होगा कि कोई टोल बकाया नहीं है।
- यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल कर दी गई है। सिस्टम खुद ही पकड़ लेगा कि टोल बकाया है या नहीं।
क्यों लाया गया नया नियम?
- मल्टी-लेन फ्री फ्लो सिस्टम के तहत टोल बैरियर हटेंगे, और हाई-टेक कैमरे टोल काटेंगे।
- पहले लोग टोल चुराकर निकल जाते थे, लेकिन अब नई डिजिटल व्यवस्था से ऐसा संभव नहीं होगा।
- इसका मकसद टोल चोरी रोकना और ट्रैफिक की रफ्तार बनाए रखना है।