अलवर में तीन दिवसीय मत्स्य उत्सव का आगाज, सांस्कृतिक रंगों में रंगा शहर..
अलवर शहर में रविवार से तीन दिवसीय मत्स्य उत्सव की शुरुआत हो गई। यह उत्सव अलवर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान से गहराई से जुड़ा है, जिसे शहरवासी वर्षों से पूरे उत्साह के साथ मनाते आ रहे हैं।
रविवार सुबह जगन्नाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ उत्सव का शुभारंभ किया गया। भक्तिमय वातावरण के बीच उत्सव की शुरुआत की घोषणा की गई। इसके बाद नेहरू उद्यान से साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर कटी घाटी वन उपवन के लिए रवाना किया गया। रैली का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, फिटनेस और सामुदायिक जागरूकता को बढ़ावा देना रहा।
जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला ने बताया कि 23 नवंबर से 25 नवंबर तक चलने वाले इस उत्सव में शहरभर में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें रंगोली प्रतियोगिता, सांस्कृतिक प्रस्तुति, खेलकूद गतिविधियां, प्रदर्शनियां और स्थानीय कला-संस्कृति को प्रोत्साहित करने वाले कई आकर्षक आयोजन शामिल हैं।
कलेक्टर शुक्ला ने कहा कि “मत्स्य उत्सव केवल मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह अलवर की समृद्ध विरासत, प्राकृतिक धरोहर और सामाजिक एकता का प्रतीक है।” उन्होंने बताया कि यह उत्सव मत्स्य प्रदेश की सांस्कृतिक जड़ों को जीवंत करता है और अलवर की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में नागरिक, विद्यार्थी, सामाजिक संगठनों और पुलिस-प्रशासन की टीमों ने उत्साहपूर्ण भागीदारी दर्ज कराई। तीन दिनों तक चलने वाला यह आयोजन पूरे शहर में उत्सव का माहौल बनाए रखेगा।
आयोजकों ने सभी नागरिकों से उत्सव में शामिल होकर स्थानीय धरोहर और संस्कृति को संजोने की अपील की है।