तृतीय श्रेणी शिक्षक स्थानांतरण नीति पर सदन में घमासान, टीकाराम जूली ने सरकार से मांगी स्पष्ट टाइमलाइन
जयपुर, 13 फरवरी 2026।
राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को तृतीय श्रेणी शिक्षकों की स्थानांतरण नीति को लेकर जोरदार बहस हुई। इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य की भाजपा सरकार को चुनावी वादों की याद दिलाते हुए कठघरे में खड़ा किया।
सदन में चर्चा के दौरान जूली ने कहा कि सरकार का आधा कार्यकाल बीत चुका है और सवा दो वर्ष से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद अब तक स्पष्ट स्थानांतरण नीति लागू नहीं की गई है। उन्होंने सीधे सवाल करते हुए पूछा कि सरकार यह बताए कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले कब तक किए जाएंगे और क्या इसके लिए कोई निश्चित समय-सीमा तय की गई है?
जूली ने आरोप लगाया कि सरकार अपने घोषणा पत्र में किए गए वादे को पूरा करने में विफल रही है और प्रदेश के लाखों शिक्षकों को असमंजस की स्थिति में रखा गया है।
जूली ने कहा कि मुद्दा यह नहीं है कि पूर्व में किसने कितने तबादले किए, बल्कि यह है कि वर्तमान सरकार अपनी घोषित नीति कब लागू करेगी।
हालांकि, शिक्षा मंत्री की ओर से कोई स्पष्ट समय-सीमा नहीं दी गई। ठोस जवाब न मिलने पर सदन की कार्यवाही को अगले प्रश्न की ओर बढ़ाना पड़ा। नेता प्रतिपक्ष ने इसे शिक्षकों के हितों की अनदेखी बताते हुए सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है।