कचरे के ढेर में मानवता को झकझोरने वाला सच…
शहर के हनुमान सर्किल क्षेत्र में स्थित कचरा ट्रांसफर स्टेशन से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। गुरुवार शाम कचरे के ढेर में करीब छह माह के भ्रूण का मिलना न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि सामाजिक संवेदनाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह भ्रूण किसी ऑटो टिपर के साथ कचरे में छिपकर ट्रांसफर स्टेशन तक पहुंचा।
कचरा ट्रांसफर स्टेशन में मिला 6 माह का भ्रूण
हनुमान सर्किल के समीप स्थित कचरा ट्रांसफर स्टेशन पर गुरुवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब कचरे के ढेर में छह माह के बालक का भ्रूण मिला। नगर निगम के कर्मचारियों और कचरा बीनने वालों ने सबसे पहले इस पर ध्यान दिया, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। घटना ने मौके पर मौजूद सभी लोगों को झकझोर कर रख दिया।
नगर निगम कर्मचारी ने दी पुलिस को सूचना
ट्रांसफर स्टेशन पर तैनात नगर निगम कर्मचारी राहुल मीणा ने इस संदिग्ध वस्तु की जानकारी अरावली विहार थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित कर जांच शुरू की। प्राथमिक निरीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि यह मानव भ्रूण है, जिसकी आयु लगभग छह माह आंकी गई।
पुलिस ने भ्रूण को मोर्चरी भेजा, पोस्टमार्टम के बाद दफन
पुलिस ने भ्रूण को कब्जे में लेकर सामान्य अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया। पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार भ्रूण को दफना दिया गया। अरावली विहार थाना क्षेत्र की एसआई सोनिया दहिया ने बताया कि नगर निगम कर्मचारी की रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भ्रूण फेंकने का मामला दर्ज किया गया है।
बाहरी व्यक्ति के प्रवेश की संभावना बेहद कम
कचरा ट्रांसफर स्टेशन चारों ओर से पूरी तरह कवर्ड है और यहां दिनभर नगर निगम का स्टाफ मौजूद रहता है। ऐसे में किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा सीधे स्टेशन में प्रवेश कर भ्रूण फेंकने की संभावना लगभग न के बराबर मानी जा रही है। इसी कारण पुलिस की जांच की दिशा अब कचरा संग्रहण प्रक्रिया की ओर मुड़ गई है।
ऑटो टिपर के जरिए आने की जताई जा रही आशंका
प्रारंभिक जांच में यह आशंका सामने आई है कि भ्रूण शहर के किसी इलाके से कचरे के साथ ऑटो टिपर में डाला गया होगा। संभव है कि संबंधित कॉलोनी में कचरा डालते समय भ्रूण भी उसी में शामिल हो गया हो और टिपर चालक को इसकी जानकारी न हो। ट्रांसफर स्टेशन पर कचरा खाली करने के दौरान यह ढेर में गिर गया और बाद में कचरा बीनने वालों की नजर उस पर पड़ी।
सीसीटीवी और कचरा कलेक्शन रूट्स की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब शहर के विभिन्न ऑटो टिपरों, उनके कचरा कलेक्शन रूट्स और संबंधित इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि भ्रूण किस इलाके से आया और इसे कचरे में किसने डाला।
पहली बार सामने आया ऐसा मामला, उठे गंभीर सवाल
नगर निगम कर्मचारियों के अनुसार ट्रांसफर स्टेशन में इस तरह का यह पहला मामला है। घटना ने अवैध गर्भपात, सामाजिक दबाव और मानव संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों को चिन्हित कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।