#क्राइम #देश दुनिया #राज्य-शहर #हेल्थ न्यूज़

फालौदी और श्रीकाकुलम सड़क हादसों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, अब गैरकानूनी ढाबों और खराब सड़कों पर गिरेगी गाज…

सुप्रीम कोर्ट ने सड़क हादसों पर लिया संज्ञान, NHAI और परिवहन मंत्रालय से रिपोर्ट तलब

राजस्थान के फालौदी और आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में हुए भीषण सड़क हादसों में 37 लोगों की मौत के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान (सुओ मोटू) लेते हुए सड़क सुरक्षा में खामियों पर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सड़क परिवहन मंत्रालय से दो हफ्तों में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

इन हादसों में फालौदी में 18 और श्रीकाकुलम में 19 लोगों की जान गई थी। दोनों घटनाएं हाईवे पर हुईं, जहां ट्रक और अन्य वाहन टकरा गए। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति जे.के. महेश्वरी और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की बेंच कर रही है।

🔹 कोर्ट की टिप्पणियां

न्यायमूर्ति महेश्वरी ने कहा कि हाईवे किनारे अनधिकृत ढाबों और अवैध पार्किंग की वजह से हादसों में बढ़ोतरी हो रही है। ट्रक चालक इन ढाबों के पास वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहनों को टक्कर से बचना मुश्किल हो जाता है।
कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की कि —

  • सड़कों की हालत खराब है, फिर भी टोल वसूली जारी है।
  • बिना अनुमति के ढाबे और पार्किंग सड़क किनारे आम बात बन चुकी है।
  • भारी वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग जानलेवा साबित हो रही है।

कोर्ट ने कहा, “ये हादसे बताते हैं कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही है — खराब सड़कें, गलत जगह ढाबे और अनियंत्रित पार्किंग मिलकर मौत का कारण बन रहे हैं।”

🔹 सुप्रीम कोर्ट के निर्देश

कोर्ट ने NHAI और परिवहन मंत्रालय को आदेश दिया है कि दो हफ्तों में रिपोर्ट दें, जिसमें बताया जाए:

  1. फालौदी और श्रीकाकुलम हाईवे पर कितने अवैध ढाबे संचालित हैं।
  2. सड़कों की वास्तविक स्थिति क्या है।
  3. ठेकेदारों द्वारा रखरखाव के दौरान कौन-कौन से नियमों का पालन किया गया या नहीं किया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी कि इस तरह की दुर्घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए तत्काल कदम उठाने होंगे — अवैध ढाबों को हटाना, ट्रक पार्किंग की अलग व्यवस्था करना और सड़क रखरखाव को मजबूत बनाना अनिवार्य है।

🔹 क्यों अहम है यह मामला

भारत में हर साल हजारों लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाते हैं, जिनमें बड़ी संख्या लापरवाही और ढीले सुरक्षा मानकों के कारण होती है। सुप्रीम कोर्ट की यह पहल सरकार और एजेंसियों पर जवाबदेही तय करने का दबाव बनाएगी। इससे उम्मीद है कि हाईवे ज्यादा सुरक्षित होंगे, ढाबों का नियमन होगा और सड़क सुरक्षा मानक सख्ती से लागू किए जाएंगे — ताकि आगे किसी की जान सड़क पर न जाए।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *