कंपनी ने 1,000 कर्मचारियों को दिया अनोखा तोहफ़ा—पूरी तरह मुफ्त लंदन ट्रिप! जानें क्यों उठाया करोड़ों का खर्च….
चेन्नई की रियल एस्टेट कंपनी Casagrand ने अपने कर्मचारियों को ऐसा रिवॉर्ड दिया है जिसने देशभर में चर्चा छेड़ दी। कंपनी ने पूरे 1,000 कर्मचारियों को एक हफ्ते की फुली-पेड लंदन यात्रा करवाई—न कोई टिकट खर्च, न होटल का खर्च, न घूमने-फिरने का। आखिर कंपनी ने इतनी बड़ी पहल क्यों की? इसके पीछे की वजह और कहानी बेहद दिलचस्प है।
Casagrand का बड़ा कदम—1,000 कर्मचारियों को फ्री लंदन ट्रिप**
चेन्नई स्थित इस रियल एस्टेट कंपनी ने अपने 1,000 कर्मचारियों को सालाना बोनस के रूप में लंदन की मुफ्त विदेश यात्रा कराई।
यह ऑफर सिर्फ एक टूर नहीं बल्कि कंपनी के ‘कर्मचारी सम्मान’ कल्चर का हिस्सा है, जिसकी सोशल मीडिया पर खूब सराहना हो रही है।
सालाना ‘प्रॉफिट शेयर बोनस’ का हिस्सा है ये मेगा रिवॉर्ड**
Casagrand हर साल अपने कर्मचारियों को विशेष रिवॉर्ड देती है।
इस बार भारत और दुबई में काम करने वाले करीब 1,000 कर्मचारियों को इस इंटरनेशनल ट्रिप के लिए चुना गया, जो कंपनी की कुल वर्कफोर्स का लगभग 15% है।
कर्मचारियों को विदेश भेजने की परंपरा नई नहीं**
कंपनी इससे पहले भी अपने हजारों कर्मचारियों को बाहरी देशों की यात्राओं पर भेज चुकी है।
सिंगापुर, थाईलैंड, मलेशिया, दुबई, स्पेन—अब तक करीब **6,000+ कर्मचारी अंतरराष्ट्रीय यात्राएं कर चुके हैं।
Casagrand का मानना है कि ऐसी यात्राएं कर्मचारियों को सिर्फ रिवॉर्ड नहीं, बल्कि जिंदगी का खास अनुभव देती हैं।
सीनियरिटी नहीं, सभी को मिली समान सुविधाएं**
पद, रैंक या वेतन… कोई मायने नहीं।
कंपनी ने सभी कर्मचारियों को एक जैसी फ्लाइट, एक जैसे होटल और एक जैसा टूर पैकेज दिया।
सभी लोग एक साथ उड़ान भरते, एक साथ रुकते और एक साथ घूमते हुए नजर आए—जो कंपनी की ‘ईक्वल ट्रीटमेंट’ नीति को दर्शाता है।
लंदन में शानदार टूर प्लान—7 दिन का फुल एडवेंचर**
कर्मचारियों को लंदन के सबसे आइकॉनिक स्थान दिखाए गए—
- St. Paul’s Cathedral
- London Bridge
- Big Ben
- Buckingham Palace
- Piccadilly Circus
- Trafalgar Square
- Madame Tussauds
इसके अलावा, पूरे समूह के लिए Thames नदी पर क्रूज़ का खास आयोजन भी किया गया।
कंपनी ने बताया—कर्मचारियों की खुशी ही असली पूंजी**
Casagrand का कहना है कि कंपनी की सफलता उसके कर्मचारियों की मेहनत से आती है।
उन्हें सम्मान देना और खुश रखना कंपनी की पहली प्राथमिकता है, जिससे वर्कप्लेस कल्चर मज़बूत होता है और टीम का मनोबल बढ़ता है।
‘पहली विदेश यात्रा’ का भावनात्मक पल भी हुआ खास**
कई कर्मचारी पहली बार देश के बाहर निकले।
कंपनी के संस्थापक व MD अरुण एमएन के अनुसार—
“उनके चेहरों पर जो खुशी दिखी, वही हमारी सबसे बड़ी कमाई है।”**
उन्होंने कहा कि हर साल कर्मचारियों के साथ जश्न मनाना Casagrand की पहचान है।
कॉर्पोरेट वर्ल्ड में मिसाल बनी Casagrand की पहल**
एक साथ 1,000 लोगों को लंदन भेजना किसी भी भारतीय कंपनी के लिए बेहद दुर्लभ कदम है।
यह पहल इस बात का उदाहरण है कि अगर कर्मचारियों को सही सम्मान मिले तो वह कंपनी के साथ लंबे समय तक जुड़ाव महसूस करते हैं।