केंद्र का बड़ा बयान—वक्फ पंजीकरण की तारीख नहीं बढ़ेगी
वक्फ संशोधन अधिनियम में तय पंजीकरण अवधि पर केंद्र की सख्ती
केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि वक्फ संशोधन अधिनियम में पंजीकरण की जो समय-सीमा तय की गई है, उसे बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए वक्फ बोर्डों की ओर से समय सीमा बढ़ाने की मांग को सरकार ने खारिज कर दिया है।
रिजिजू बोले—कानून बदले बिना तारीख बढ़ाना संभव नहीं
अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “मैं एक्ट बदले बिना तारीख नहीं बढ़ा सकता।” मंत्री के इस बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि फिलहाल केंद्र सरकार पंजीकरण अवधि में किसी तरह का विस्तार करने की स्थिति में नहीं है।
वक्फ बोर्डों के लिए यह फैसला क्यों महत्वपूर्ण?
वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण कानून में निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करना अनिवार्य है। कई राज्यों के वक्फ बोर्ड इस प्रक्रिया में देरी का हवाला देते हुए समय सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे थे। लेकिन केंद्र के इनकार के बाद अब सभी बोर्डों को तय अवधि में काम पूरा करना होगा।
कानून पर आधारित निर्णय, भविष्य के लिए संकेत
केंद्र का यह रुख दो प्रमुख संदेश देता है:
कानूनी ढांचे के भीतर ही बदलाव संभव है। यानी सरकार बिना संसदीय संशोधन के किसी समय-सीमा में फेरबदल नहीं करेगी।
वक्फ प्रबंधन में पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर।
इससे साफ है कि आने वाले समय में वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड को डिजिटल और व्यवस्थित बनाने की दिशा में और कड़ाई देखने को मिल सकती है।
यदि वक्फ बोर्ड समय सीमा में छूट चाहते हैं, तो इसके लिए उन्हें एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव लाना होगा, जिसे संसद की मंजूरी के बाद ही लागू किया जा सकेगा। फिलहाल सभी बोर्डों को मौजूदा नियमों के तहत ही पंजीकरण प्रक्रिया तेजी से पूरी करनी होगी।