व्हाइट हाउस के पास आतंक जैसा हमला—अफगान मूल के संदिग्ध ने दो नेशनल गार्ड्स को गोली मारी, ट्रंप का बाइडेन पर निशाना….
➡ वॉशिंगटन डीसी में सनसनी—व्हाइट हाउस से कुछ कदम दूर फायरिंग
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी बुधवार दोपहर दहल गई, जब व्हाइट हाउस के पास तैनात वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के दो सैनिकों पर गोलीबारी हुई। हमले में दोनों जवान गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
➡ ट्रंप का कड़ा बयान—“यह आतंकवादी हमला, मानवता के खिलाफ अपराध”
हमले के कुछ ही घंटों बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घटना को “दुष्ट और आतंकवादी हमला” बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी।
ट्रंप ने कहा—“यह हमारे देश पर हमला है, मानवता पर हमला है।”
उन्होंने दावा किया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार संदिग्ध अफगानिस्तान से अमेरिका आया था।
➡ बाइडेन प्रशासन पर तीखा हमला—2021 के एयरलिफ्ट का जिक्र
ट्रंप ने मामले की जिम्मेदारी पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर डालते हुए आरोप लगाया कि हमले का संदिग्ध 2021 में अफगानिस्तान से बाइडेन प्रशासन की निकासी नीति के दौरान अमेरिका लाया गया था।
उन्होंने वादा किया कि बाइडेन कार्यकाल में अफगानिस्तान से लाए गए सभी विदेशी नागरिकों की “पुनः जांच” कराई जाएगी।
➡ अफगानिस्तान को बताया “नरक”—ट्रंप की तीखी टिप्पणी
प्रेस ब्रीफिंग में ट्रंप ने अफगानिस्तान को “पृथ्वी का नरक” बताते हुए कहा—
“हम जिस व्यक्ति को हिरासत में लिए हुए हैं, वह उसी जगह से आया है, जिसे मैं नरक का गड्ढा कहता हूं।”
500 अतिरिक्त सैनिक तैनात—राजधानी में सुरक्षा का स्तर बढ़ाया गया
➡ ट्रंप प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
हमले के तुरंत बाद ट्रंप सरकार ने वॉशिंगटन डीसी में 500 और नेशनल गार्ड सैनिक भेजने का आदेश दिया।
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति के निर्देश पर राजधानी की सुरक्षा को मजबूत किया गया है।
➡ कुल 2,200 सैनिक अब तैनात
ताज़ा अपडेट्स के अनुसार, संयुक्त टास्क फोर्स के तहत अब लगभग 2,200 सैनिक राजधानी में सक्रिय हैं, जो व्हाइट हाउस और आसपास के संवेदनशील इलाकों की निगरानी कर रहे हैं।
हमलावर की पहचान—29 साल का अफगान नागरिक, 2021 में आया था अमेरिका
➡ अफगान मूल के युवक पर शक, FBI की जांच तेज
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में हमलावर की पहचान 29 वर्षीय रहमानुल्ला लकनवाल के रूप में की गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह युवक 2021 में तालिबान कब्जे के बाद अमेरिकी निकासी अभियान के तहत अमेरिका लाया गया था।
हालांकि, FBI और अमेरिकी प्रशासन ने अभी औपचारिक तौर पर नाम घोषित नहीं किया है।
➡ वॉशिंगटन के मेयर का बयान—“टारगेटेड अटैक था”
डीसी की मेयर म्यूरियल बोउसर ने इसे “टारगेटेड शूटिंग” बताया और कहा कि दोनों घायल सैनिकों की हालत नाजुक है, इलाज जारी है।
FBI डायरेक्टर काश पटेल ने कहा कि मामले की जांच “आतंकी कोण सहित हर पहलू से” की जा रही है।
हमले की वजह क्या?—विशेष एजेंसियों की गहन जांच जारी
➡ संभावित आतंकी कनेक्शन पर जोर
होमलैंड सिक्योरिटी विभाग का शुरुआती अनुमान है कि यह हमला “कट्टरपंथ” या “चरमपंथी प्रेरणा” से जुड़ा हो सकता है।
लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
➡ राजनीतिक तापमान बढ़ा—सुरक्षा बनाम प्रवासन पर बहस
हमला होते ही अमेरिका में प्रवासन नीति और शरणार्थी कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बहस गर्म हो गई है।
ट्रंप और रिपब्लिकन नेताओं ने इस घटना को बाइडेन-युग की “गलत अफगान नीति” का परिणाम बताया है।
राजधानी में बढ़ी सतर्कता, हमला बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा
व्हाइट हाउस के पास नेशनल गार्ड्स पर गोलीबारी न सिर्फ सुरक्षा चिंता का विषय है, बल्कि यह अमेरिकी राजनीति में प्रवासन और सुरक्षा नीतियों के टकराव को और तीखा कर रही है।
ट्रंप सरकार सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रही है, जबकि जांच एजेंसियां हमलावर के मकसद की परतें खोलने में जुटी हैं।