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धार्मिक आयोजन के नाम पर क्रूरता: तेलंगाना के मंदिर में 50 से ज्यादा बकरों को बेरहमी से मारा गया

जगतियाल में सामने आई दिल दहला देने वाली घटना
तेलंगाना के जगतियाल जिले से पशु क्रूरता का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। रायकल मंडल स्थित भीमेश्वर मंदिर में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में बकरों को निर्दयता से मार दिया गया।

भीमन्ना जातरा के दौरान की गई कथित बलि
घटना भीमन्ना जातरा के दौरान हुई, जहां स्थानीय परंपरा के नाम पर 50 से 70 बकरों की कथित तौर पर बलि दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जानवरों को बेहद अमानवीय तरीके से काटा गया और उन्हें तड़पते हुए मरने के लिए छोड़ दिया गया।

वीडियो सामने आने के बाद मचा हड़कंप
पशु अधिकार संगठनों द्वारा साझा किए गए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में कुछ लोग मंदिर परिसर के भीतर बकरों को जीवित अवस्था में काटते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना ने पशु कल्याण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

‘गावु पत्तडम’ परंपरा के नाम पर हिंसा का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कृत्य ‘गावु पत्तडम’ नामक एक पारंपरिक अनुष्ठान के तहत किया गया। हालांकि, पशु अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि किसी भी परंपरा के नाम पर इस तरह की हिंसा और क्रूरता को सही नहीं ठहराया जा सकता।

मौके पर मौजूद थी पुलिस, फिर भी नहीं हुआ हस्तक्षेप
घटना के समय मंदिर परिसर में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी भी बताई जा रही है। हालांकि रायकल पुलिस का दावा है कि वे केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात थे और उन्होंने किसी प्रकार की बलि की घटना नहीं देखी।

पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध
पशु कल्याण से जुड़े कार्यकर्ता अदुलापुरम गौतम ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह जानवरों के साथ घोर अमानवीय व्यवहार है और मौके पर मौजूद किसी भी अधिकारी ने इसे रोकने की कोशिश नहीं की।

आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज, जांच जारी
घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने आयोजकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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