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बांग्लादेश में कैसे बनेगी तारिक रहमान की सरकार? भारत से कितना अलग है PM चुनने का तरीका

🇧🇩 निर्णायक जीत के बाद अगला कदम

Tarique Rahman की अगुवाई में Bangladesh Nationalist Party (BNP) ने 13वें आम चुनाव में दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। साफ जनादेश के बाद अब सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।

ब्रिटेन में 17 साल के निर्वासन के बाद लौटे तारिक रहमान ने ढाका-17 और बोगुरा-6 दोनों सीटों से जीत दर्ज की है।


🏛️ बांग्लादेश में सरकार कैसे बनती है?

बांग्लादेश संसदीय प्रणाली का पालन करता है, जहां वास्तविक कार्यकारी शक्ति प्रधानमंत्री के पास होती है।

  • वहां एकसदनीय संसद है, जिसे जातीय संसद (Jatiya Sangsad) कहा जाता है।
  • संसद में 300 निर्वाचित सीटें होती हैं।
  • सरकार बनाने के लिए कम से कम 151 सीटों का साधारण बहुमत जरूरी है।
  • इसके अलावा 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जिन्हें आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर आवंटित किया जाता है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि बहुमत का निर्धारण केवल 300 निर्वाचित सीटों के आधार पर होता है।


🤝 राष्ट्रपति की भूमिका क्या होती है?

चुनाव परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित होने के बाद राष्ट्रपति बहुमत दल या गठबंधन के नेता को प्रधानमंत्री बनने का न्योता देते हैं।

यदि स्पष्ट बहुमत हो, तो तत्काल विश्वास मत (फ्लोर टेस्ट) की संवैधानिक आवश्यकता नहीं होती। शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद का गठन करते हैं और सरकार काम शुरू कर देती है।

त्रिशंकु संसद की स्थिति में राष्ट्रपति सबसे बड़े दल या गठबंधन को सदन में बहुमत साबित करने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं।


🇮🇳 भारत से कैसे अलग है व्यवस्था?

भारत और बांग्लादेश दोनों संसदीय लोकतंत्र हैं, लेकिन कुछ अहम अंतर हैं:

1️⃣ सदन की संरचना
भारत में दो सदन—लोकसभा और राज्यसभा—हैं, जबकि बांग्लादेश में केवल एक सदन है।

2️⃣ विश्वास मत की आवश्यकता
भारत में करीबी या विवादित जनादेश की स्थिति में अक्सर फ्लोर टेस्ट कराया जाता है।
बांग्लादेश में स्पष्ट बहुमत होने पर तुरंत विश्वास मत जरूरी नहीं।

3️⃣ राष्ट्रपति का विवेकाधिकार
भारत में त्रिशंकु लोकसभा की स्थिति में राष्ट्रपति को अधिक विवेकाधिकार होता है।
बांग्लादेश में राष्ट्रपति की भूमिका अधिक औपचारिक और परंपरागत है।

4️⃣ कार्यवाहक सरकार प्रणाली
बांग्लादेश ने 2011 में कार्यवाहक (केयरटेकर) सरकार प्रणाली समाप्त कर दी थी। हालांकि हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बाद अंतरिम सरकार के नेतृत्व में चुनाव कराए गए।
इस बार चुनावी प्रक्रिया अंतरिम सरकार के प्रमुख Muhammad Yunus की देखरेख में पूरी हुई।

भारत में चुनाव हमेशा संवैधानिक ढांचे और चुनाव आयोग की निगरानी में होते हैं, बिना केयरटेकर सरकार मॉडल के।


🔎 आगे क्या?

चूंकि BNP को दो-तिहाई बहुमत मिला है, इसलिए सरकार गठन में कोई संवैधानिक अड़चन नहीं दिखती। राष्ट्रपति औपचारिक रूप से तारिक रहमान को आमंत्रित करेंगे, वे शपथ लेंगे और मंत्रिमंडल का गठन करेंगे।

मजबूत बहुमत के कारण नई सरकार को संसद में स्थिरता मिलेगी।


बांग्लादेश में सरकार गठन की प्रक्रिया भारत से मिलती-जुलती जरूर है, लेकिन एकसदनीय व्यवस्था और विश्वास मत की अनिवार्यता न होने जैसे अंतर इसे अलग बनाते हैं।

तारिक रहमान की सरकार मजबूत जनादेश के साथ शुरुआत करेगी—अब असली परीक्षा नीतियों और क्षेत्रीय संतुलन की होगी।

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