तालिबान के नए महिला-विरोधी कानून पर भड़कीं स्वरा भास्कर, बोलीं– यह मानवता का अपमान
अफगानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों पर फिर सख्ती
अफगानिस्तान में सत्ता पर काबिज तालिबान प्रशासन ने महिलाओं से जुड़े नियमों में और सख्ती की है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तालिबान ने नई दंड संहिता लागू की है, जिसमें घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों में महिलाओं को बेहद सीमित संरक्षण मिलता है। इस कानून को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है।
नए कानून में घरेलू हिंसा से जुड़ी शर्तें
नई दंड संहिता में घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों में ऐसी शर्तें जोड़ी गई हैं, जिन पर मानवाधिकार संगठनों ने सवाल उठाए हैं। प्रावधानों के अनुसार, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया जटिल बताई जा रही है और पीड़िता पर सबूत पेश करने का भार डाला गया है। चोट की गंभीरता के आधार पर ही कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है, जिससे कानून की निष्पक्षता पर बहस तेज हो गई है।
इंस्टाग्राम पर स्वरा भास्कर की तीखी प्रतिक्रिया
इस कानून पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने तालिबान की नीतियों को अमानवीय बताते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ बनाए गए ऐसे नियम मानवता और बुनियादी अधिकारों के खिलाफ हैं। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर बहस और तेज हो गई।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तालिबान की आलोचना
महिलाओं पर बढ़ती पाबंदियों को लेकर संयुक्त राष्ट्र समेत कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने तालिबान प्रशासन की आलोचना की है। शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी सीमित किए जाने पर लगातार आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं। नए कानूनी प्रावधानों ने इन चिंताओं को और गहरा कर दिया है।
तालिबान शासन में महिलाओं की स्थिति
तालिबान के दोबारा सत्ता में आने के बाद से अफगानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों में लगातार कटौती देखी गई है। स्कूल-कॉलेज, नौकरी और सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं की मौजूदगी पर पाबंदियां बढ़ी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा नीतियां अफगान महिलाओं की सुरक्षा और स्वतंत्रता के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही हैं।
पहले भी बयानों को लेकर विवादों में रही हैं स्वरा
स्वरा भास्कर इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और राजनीतिक विषयों पर बेबाक बयान देती रही हैं। कई मौकों पर उनके बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर समर्थन और विरोध—दोनों देखने को मिले हैं। तालिबान के नए कानून पर उनकी प्रतिक्रिया भी इसी क्रम में सामने आई है।