सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश : स्कूलों-अस्पतालों के पास से आवारा कुत्ते हटाए जाएं, हाईवे से मवेशी भी…
देश में बढ़ते आवारा जानवरों और सड़क हादसों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम आदेश जारी किया है। अदालत ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि स्कूलों, अस्पतालों, खेल मैदानों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों के आसपास मौजूद आवारा कुत्तों को तुरंत हटाया जाए।
कोर्ट ने यह भी कहा कि इन जानवरों को पकड़ने के बाद सुरक्षित एनिमल शेल्टर या आश्रय गृहों में रखा जाए, और किसी भी हालत में उन्हें दोबारा उन्हीं जगहों पर न छोड़ा जाए जहां से पकड़ा गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे और एक्सप्रेसवे पर घूम रहे मवेशियों और अन्य पशुओं को भी हटाने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि ऐसी लापरवाही से आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं, इसलिए प्रशासन को जिम्मेदारी से कार्रवाई करनी होगी।
कोर्ट ने सभी राज्यों से तीन हफ्तों के भीतर इस आदेश पर एक्शन रिपोर्ट (Action Taken Report) मांगी है। साथ ही कहा है कि अगर किसी अधिकारी की लापरवाही से हादसा होता है, तो व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।
🔹 आदेश का मकसद
सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक, यह फैसला सार्वजनिक सुरक्षा और बच्चों-बुजुर्गों की सुरक्षा के मद्देनज़र लिया गया है। देशभर में आवारा कुत्तों के हमलों और रेबीज़ के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए कोर्ट ने इस पर सख्ती दिखाई है।
🔹 क्या करना होगा राज्यों को
राज्य सरकारों को अब ऐसे इलाकों में अभियान चलाकर
आवारा कुत्तों और पशुओं की पहचान करनी होगी
उन्हें पकड़कर शेल्टर या पशु संरक्षण केंद्रों में रखना होगा
स्कूल-अस्पताल परिसरों की नियमित निगरानी करनी होगी
हाईवे पर पेट्रोलिंग और त्वरित सूचना तंत्र बनाना होगा
🔹 विवाद और प्रतिक्रिया
कुछ पशु-अधिकार संगठनों ने इस आदेश को लेकर असहमति जताई है। उनका कहना है कि केवल हटाने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि टीकाकरण और नसबंदी जैसे उपाय भी ज़रूरी हैं। वहीं, आम लोगों और पैरेंट्स ने सुप्रीम कोर्ट के कदम का स्वागत किया है, इसे जन-सुरक्षा के लिए सही दिशा में उठाया गया कदम बताया है।