एल्विश यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, सांपों के जहर से जुड़ा केस हुआ रद्द
सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर एल्विश यादव के खिलाफ सांपों के जहर की तस्करी से जुड़ा केस रद्द कर दिया है. जस्टिस एमएम सुंदरेश की बेंच ने कहा कि मामले की शिकायत दर्ज करने में कई कानूनी कमियां थीं.
देश के चर्चित यूट्यूबर और रियलिटी शो विजेता एल्विश यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सांपों के जहर की तस्करी और सेवन से जुड़े मामले में उनके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को कोर्ट ने रद्द कर दिया है.
क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की. पीठ ने पाया कि एल्विश यादव के खिलाफ जिस तरह से शिकायत दर्ज कराई गई थी, उसमें कई तकनीकी और प्रक्रियात्मक खामियां (procedural lapses) थीं.
कोर्ट ने साफ कहा कि इस मामले में दर्ज की गई शिकायत और एफआईआर कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं हैं. ऐसे में आगे की सुनवाई का कोई आधार नहीं बनता.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि शिकायत दर्ज करते समय जरूरी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया. यही वजह रही कि पूरा मामला कानूनी कसौटी पर खरा नहीं उतर सका. कोर्ट ने यह भी कहा कि जब शिकायत ही वैध नहीं है तो बाकी मुद्दों पर विचार करने की जरूरत नहीं है.
क्या था पूरा मामला?
यह मामला नवंबर 2023 में सामने आया था, जब नोएडा में एक रेव पार्टी में सांपों के जहर के इस्तेमाल का आरोप लगा. इस केस में एल्विश यादव का नाम सामने आया. मार्च 2024 में नोएडा पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था. उन पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया. पुलिस ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी. इस मामले में 5 सपेरों सहित कई अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया था. पूछताछ के दौरान ही एल्विश यादव का नाम सामने आया था.
स्टिंग ऑपरेशन से बढ़ी थी चर्चा
People for Animals (PFA) संगठन द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन के बाद यह मामला सुर्खियों में आया था. सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस केस पर जमकर बहस हुई थी. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद एल्विश यादव को बड़ी कानूनी राहत मिली है. इससे उनके खिलाफ चल रही आपराधिक प्रक्रिया समाप्त हो गई है.
इस खबर को संशोधित कर अपने प्रभावशाली शब्दों में कॉपीराइट फ्री कॉन्टेंट बनाकर दीजिए , अलग अलग पैरा में विस्तार से अलग अलग हैड लाइन के साथ बनाकर दीजिए एक एक पैरा करीब सौ शब्दों का होना चाहिए