पैपराजी पर भड़के सनी देओल पर सीनियर पैप का जवाब: ‘गुस्सैल स्वभाव है, लेकिन गाली नहीं देनी चाहिए थी’
बॉलीवुड और पैपराजी के बीच टकराव कोई नई बात नहीं है। जया बच्चन के बाद अब इस बहस में सनी देओल का नाम जुड़ गया है। पिता धर्मेंद्र की सेहत को लेकर भावनात्मक दौर में आए सनी का एक वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया, जिस पर अब सीनियर पैपराजी वरिंदर चावला ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है।
🔹 क्या था पूरा मामला
कुछ समय पहले एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें सनी देओल अपने जुहू स्थित घर के बाहर मौजूद पैपराजी को घर के अंदर की तस्वीरें लेने से रोकते दिखे थे। भावनात्मक तनाव में उन्होंने तीखी भाषा का इस्तेमाल किया, जिस पर सोशल मीडिया से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
🔹 सीनियर पैपराजी वरिंदर चावला का बयान
वरिंदर चावला ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि
“सनी देओल का स्वभाव जया बच्चन की तरह थोड़ा गुस्सैल है। यह उनकी नेचर है।”
हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि भावनात्मक स्थिति समझ में आती है, लेकिन अपशब्दों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए था।
🔹 ‘हम धर्मेंद्र जी से प्यार करते हैं’
वरिंदर ने साफ किया कि पैपराजी का इरादा किसी की प्राइवेसी तोड़ना नहीं था।
उनके मुताबिक,
“बहुत से लोग धर्मेंद्र जी से प्यार करते हैं। पैप्स 20–30 फीट दूर खड़े थे और बस यह दिखाना चाहते थे कि कौन-कौन से सेलेब्स उनसे मिलने आ रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि यह काम वे सालों से करते आ रहे हैं।
🔹 PR के जरिए मांगी जा सकती थी प्राइवेसी
वरिंदर चावला ने बताया कि देओल परिवार की पीआर टीम उनके संपर्क में रहती है।
उन्होंने कहा,
“अगर परिवार यह कह देता कि वे भावनात्मक रूप से परेशान हैं और उन्हें प्राइवेसी चाहिए, तो हम तुरंत हट जाते। हमने पहले भी ऐसा किया है।”
🔹 अस्पताल से लीक वीडियो पर सफाई
अस्पताल से जुड़े एक वायरल वीडियो पर भी वरिंदर ने बात की। उन्होंने बताया कि वह क्लिप उनकी टीम की गलती से लीक नहीं हुई थी, बल्कि किसी अन्य टीम मेंबर की वजह से सामने आई।
उन्होंने कहा कि हर बार सारा गुस्सा पैपराजी पर निकाल देना सही नहीं है।
🔹 करण जौहर की स्टोरी का भी जिक्र
वरिंदर ने बताया कि उसी दिन उन्होंने करण जौहर की इंस्टाग्राम स्टोरी भी देखी थी, जिसमें पैपराजी से संयम बरतने की अपील की गई थी। इसके बाद उन्होंने अपनी टीम को खुद निर्देश दिए कि वहां कोई फोटो या वीडियो न लें।
🔹 इमोशंस बनाम प्रोफेशन
यह मामला दिखाता है कि जब सेलेब्रिटीज़ भावनात्मक दबाव में होते हैं, तब टकराव की स्थिति बन जाती है।
एक तरफ परिवार की निजता का सवाल है, तो दूसरी ओर पैपराजी का प्रोफेशन। ऐसे मामलों में संवाद और संयम ही सबसे बेहतर समाधान हो सकता है।