अलवर में सुलभ इंटरनेशनल का संवाद कार्यक्रम: पूर्व मैला ढोने वाली महिलाओं को सम्मान और स्वावलंबन की नई दिशा
सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन की कार्यकारी संयोजक श्रीमती नित्या पाठक ने मंगलवार को अलवर में पूर्व मैला ढोने वाली महिलाओं के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया। यह कार्यक्रम महिलाओं के सामाजिक सम्मान, आर्थिक सशक्तिकरण और गरिमा की पुनर्स्थापना के लिए संस्था द्वारा चलाए जा रहे व्यापक अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
अपने उद्बोधन में श्रीमती पाठक ने कहा कि सुलभ के संस्थापक स्वर्गीय डॉ. विंदेश्वर पाठक द्वारा शुरू किया गया मानवीय आंदोलन आज लाखों महिलाओं के जीवन को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने बताया कि संस्था के निरंतर प्रयासों से अब तक दो लाख से अधिक महिलाएं मैला ढोने जैसे अमानवीय कार्य से मुक्त होकर सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।
कार्यक्रम में पद्मश्री उषा चोमर के प्रेरक सफर का उल्लेख भी किया गया। कभी मैला ढोने का काम करने वाली उषा चोमर आज सुलभ इंटरनेशनल के सहयोग से सामाजिक परिवर्तन की प्रतीक बन चुकी हैं।
श्रीमती नित्या पाठक ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा,
“आप सभी महिलाएं साहस, संघर्ष और बदलाव की मिसाल हैं। सुलभ आपके साथ था, है और हमेशा आपके साथ खड़ा रहेगा। सम्मान और गरिमा हर महिला का अधिकार है।”
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और कौशल विकास एवं आजीविका कार्यक्रमों में हुई प्रगति के बारे में बताया।
सुलभ इंटरनेशनल ने पुनः आश्वस्त किया कि वह देशभर में महिलाओं के उत्थान, आजीविका अवसरों के सृजन और सामाजिक समानता की दिशा में अपने प्रयास और तेज करेगा।