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मकर संक्रांति पर बाजार फिसला: सेंसेक्स-निफ्टी लाल, TCS और Asian Paints पर दबाव


जहां देशभर में मकर संक्रांति का उत्सव है, वहीं शेयर बाजार निवेशकों के लिए दिन की शुरुआत कुछ खास नहीं रही। 14 जनवरी 2026 को घरेलू बाजार सुस्त रुख के साथ खुले। ग्लोबल संकेतों में कमजोरी, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार की धार को कुंद कर दिया।


📉 बाजार की सुस्त शुरुआत: सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में

हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 74 अंक फिसलकर 83,552 के आसपास पहुंचा। वहीं निफ्टी लगभग 12 अंक गिरकर 25,719 के पास कारोबार करता दिखा। कुल मिलाकर ट्रेडिंग की शुरुआत में उतार-चढ़ाव सीमित रहा, लेकिन रुझान नकारात्मक बना रहा।


🔍 गिरावट की प्रमुख वजहें क्या रहीं?

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक दो बड़े फैक्टर हावी रहे—

  1. ईरान-अमेरिका तनाव के चलते कच्चे तेल में तेजी, जिससे महंगाई और चालू खाते पर दबाव की आशंका बढ़ी।
  2. FIIs की निरंतर बिकवाली, जिसने निवेशकों की धारणा कमजोर रखी।
    इन दोनों कारणों से जोखिम लेने की क्षमता घटी और खरीदारी सीमित रही।

🧾 कौन से शेयर टूटे, किनमें दिखी मजबूती?

कमजोर शेयर: एशियन पेंट्स, TCS, बजाज फिनसर्व, इंडिगो, सन फार्मा और अल्ट्राटेक सीमेंट पर दबाव देखा गया।
मजबूत शेयर: दूसरी ओर, सरकारी और मेटल काउंटरों में खरीदारी दिखी। ONGC, Coal India, NTPC और Tata Steel बढ़त के साथ ट्रेड हुए।
सेक्टर ट्रेंड: आज मेटल और ऑयल टॉप गेनर्स रहे, जबकि IT और फार्मा में सुस्ती बनी रही।


🌍 कच्चा तेल और वैश्विक बाजारों का असर

अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर अनिश्चितता बढ़ी हुई है। ईरान में हालात और अमेरिका की भूमिका के बीच कच्चे तेल के दाम सात हफ्तों के उच्च स्तर के आसपास पहुंच गए हैं, करीब 2.8% की तेजी दर्ज हुई।
एशिया में चीन और जापान के बाजार मजबूत रहे—जापान का Nikkei 1.5% से ज्यादा उछला। हालांकि, अमेरिकी बाजार पिछली रात कमजोरी के साथ बंद हुए, जिसका असर सुबह भारतीय बाजार पर भी पड़ा।


💸 FII-DII का डेटा: किसने कितना बेचा-खरीदा?

मंगलवार को बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, FIIs ने करीब ₹1,500 करोड़ की बिकवाली की, जबकि DIIs ने लगभग ₹1,182 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को आंशिक सहारा दिया। यह असंतुलन अल्पावधि में उतार-चढ़ाव को बढ़ा सकता है।


📊 निवेशकों के लिए संकेत

वर्तमान परिदृश्य में बाजार पर तेल कीमतें, भू-राजनीतिक तनाव और FII फ्लो का असर निर्णायक बना हुआ है। जब तक कच्चे तेल में नरमी और विदेशी निवेशकों की धारणा में सुधार नहीं दिखता, तब तक IT और कंज्यूमर-ड्यूरेबल्स जैसे सेक्टरों में दबाव रह सकता है। वहीं मेटल और ऊर्जा शेयरों में चुनिंदा मौकों पर मजबूती दिख सकती है।
रणनीति: अल्पावधि में सतर्कता, स्टॉप-लॉस का पालन और क्वालिटी शेयरों में चरणबद्ध निवेश बेहतर रहेगा।


मकर संक्रांति के दिन बाजार की शुरुआत कमजोर रही। वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल की महंगाई ने सेंटीमेंट दबाया है। निवेशकों के लिए फिलहाल संयम और चयनात्मक खरीद का दौर है—जल्दबाज़ी से बचना समझदारी होगी।

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