अजमेर हाईवे पर रफ्तार का कहर: गेगल टोल प्लाजा पर बेकाबू कंटेनर ने कार को रौंदा, 7 लोग गंभीर घायल
अजमेर-जयपुर नेशनल हाईवे पर गुरुवार देर रात एक दर्दनाक हादसे ने दहशत फैला दी। गेगल टोल प्लाजा पर तेज रफ्तार कंटेनर ने टोल पर खड़ी कार को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयावह था कि कार के परखच्चे उड़ गए और टोल केबिन भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना में कार सवार यात्रियों और टोल कर्मचारियों सहित कुल 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे का खौफनाक मंजर
गेगल टोल प्लाजा पर हुआ यह हादसा बेहद भयावह था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कंटेनर की रफ्तार इतनी तेज थी कि चालक उसे नियंत्रित नहीं कर सका और सीधे टोल लेन में खड़ी कार को कुचल दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह पिचक गई और उसके आगे खड़ी संरचनाओं से जा टकराई। टोल केबिन भी इस जोरदार भिड़ंत की चपेट में आकर मलबे में तब्दील हो गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घायलों में यात्री और टोल कर्मचारी शामिल
इस भीषण दुर्घटना में कार में सवार लोग बुरी तरह घायल हो गए और कई लोग वाहन के अंदर ही फंस गए। टोल बूथ में ड्यूटी कर रहे दो कर्मचारी भी हादसे की चपेट में आकर गंभीर रूप से जख्मी हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पुलिस के पहुंचने से पहले ही घायलों को बाहर निकालने में मदद की। सभी घायलों को एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे घायलों को बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल भिजवाया। हादसे के कारण हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिसे बाद में धीरे-धीरे खुलवाया गया। पुलिस ने कंटेनर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और चालक से पूछताछ की जा रही है।
हादसे के कारणों की जांच जारी
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि हादसा या तो वाहन के ब्रेक फेल होने या चालक की लापरवाही के कारण हुआ हो सकता है। हालांकि, वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जुटा रही है, ताकि हादसे की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके। प्रशासन ने भी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा मानकों की समीक्षा के संकेत दिए हैं।