जोधपुर जेल में सोनम वांगचुक की सेहत बिगड़ी
पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई याचिका
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद सोनम वांगचुक की तबियत को लेकर उनकी पत्नी गीतांजलि ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
दूषित पानी से पेट की गंभीर समस्या
गीतांजलि का कहना है कि जेल में दिए जा रहे दूषित पानी के सेवन से वांगचुक को पेट और संक्रमण से जुड़ी गंभीर समस्या हुई है।
कोर्ट ने विशेषज्ञ जांच के दिए आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को गंभीर मानते हुए विशेषज्ञ डॉक्टर, विशेष रूप से गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से जांच कराने के आदेश दिए।
अधिवक्ता कपिल सिब्बल की दलीलें
वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने बताया कि वांगचुक को नियमित जांच और साफ-सुथरा पानी उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने कम से कम साप्ताहिक चिकित्सा जांच की भी मांग की।
राजस्थान सरकार का जवाब
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के.एम. नटराज ने कहा कि जेल में वांगचुक की नियमित जांच की जा रही है। चार महीनों में जेल डॉक्टरों ने 21 बार उनकी जांच की, आखिरी 26 जनवरी को हुई।
सुप्रीम कोर्ट की प्रतिक्रिया
कोर्ट ने सभी पहलुओं पर गंभीरता दिखाते हुए जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि सोनम वांगचुक की विशेषज्ञ से तुरंत जांच कराई जाए और उनकी सेहत का पूरा ध्यान रखा जाए।
सोनम वांगचुक का मामला जेल में कैदियों की स्वास्थ्य सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी पर ध्यान खींचता है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश से साफ संकेत मिलता है कि जेल प्रशासन को कैदियों की स्वास्थ्य सुरक्षा सर्वोपरि माननी होगी।