ब्रेकअप के बाद पहली बार बोलीं स्मृति मंधाना, बताया—किससे है ‘सबसे ज्यादा प्यार’!
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज़ स्मृति मंधाना एक महीने पहले अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में थीं। संगीतकार पलाश मुच्छल से उनकी शादी टूटने के बाद पहली बार मंधाना ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने न सिर्फ अपने सफर को याद किया, बल्कि यह भी साफ कर दिया कि उनकी जिंदगी में सबसे बड़ी प्राथमिकता क्या है। आइए पूरी खबर पर एक नज़र डालते हैं।
शादी टूटी, लेकिन हौसला नहीं: पलाश मुच्छल से अलग होने के बाद पहली बार सामने आईं मंधाना
स्मृति मंधाना और संगीतकार पलाश मुच्छल की शादी पिछले महीने तय थी, लेकिन दोनों ने अचानक अलग होने का फैसला लिया। मंधाना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए शादी कैंसिल होने की पुष्टि की थी। इसके बाद वह पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आईं और बेहद सहज अंदाज़ में मीडिया से बात की।
क्रिकेट ही ‘पहला प्यार’: मंधाना बोलीं—दुनिया में इससे बढ़कर कुछ नहीं
मंधाना ने बातचीत में साफ कहा कि उन्हें दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार क्रिकेट से है। उन्होंने कहा कि 2013 में डेब्यू के बाद से लेकर हाल ही में विश्व चैंपियन बनने तक, क्रिकेट ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति रही है। निजी जीवन के उतार-चढ़ाव के बीच क्रिकेट ने हमेशा उन्हें मजबूत बनाए रखा।
12 साल का सफर: मंधाना ने करियर की सबसे भावुक बात साझा की
अपने 12 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर को याद करते हुए मंधाना ने कहा कि टीम इंडिया की जर्सी पहनकर मैदान में उतरने से बड़ी खुशी उन्हें किसी और चीज से नहीं मिलती। उन्होंने स्वीकार किया कि इतने सालों में उन्हें कई चुनौतियाँ मिलीं, लेकिन खेल ने उन्हें हर बार आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
श्रीलंका सीरीज की तैयारी में जुटीं मंधाना, निजी झटकों से उभरने का इरादा साफ
शादी टूटने के बाद भी मंधाना पूरी तरह अपने खेल पर फोकस कर रही हैं। वह इस महीने श्रीलंका के खिलाफ टी20 सीरीज खेलने वाली हैं। टीम मैनेजमेंट और फैन्स दोनों मंधाना के इस प्रोफेशनल रवैये की सराहना कर रहे हैं।
निजी जीवन में बदलाव, लेकिन करियर में फोकस बरकरार: मंधाना का सकारात्मक संदेश
स्मृति मंधाना ने अपने बयान में यह भी संकेत दिया कि जीवन में जो बदलाव होते हैं, उनसे सीखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वह आगे भी क्रिकेट को ही अपनी प्राथमिकता बनाए रखेंगी और टीम इंडिया के लिए बेहतरीन प्रदर्शन ही उनका लक्ष्य है।
स्मृति मंधाना की यह बातचीत साफ बताती है कि निजी जीवन की उथल-पुथल ने उनके करियर और जुनून को प्रभावित नहीं किया है। जहां आजकल रिश्तों में दरार कई बार करियर पर भारी पड़ जाती है, वहीं मंधाना ने इस स्थिति को मजबूती से संभाला है। उनका यह रवैया युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है कि निजी चुनौतियों के बावजूद पेशेवर जिम्मेदारियाँ सबसे ऊपर होती हैं।
मंधाना का यह बयान उनके अंदर की परिपक्वता और खेल के प्रति समर्पण को दिखाता है। यह भी स्पष्ट है कि टीम इंडिया के लिए खेलना ही उनका असली ‘पहला प्यार’ है।