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SI भर्ती पेपर लीक: गोपनीय रिपोर्ट लीक पर SOG से हाईकोर्ट की सख्त पूछताछ


राजस्थान SI भर्ती 2021 पेपर लीक मामले में आज हाईकोर्ट में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिलेगा। कोर्ट ने SOG के ADG विशाल बंसल को तलब कर यह स्पष्ट करने को कहा है कि आखिर गोपनीय जांच रिपोर्ट याचिकाकर्ताओं तक कैसे पहुंची। अदालत ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए गैरकानूनी तरीके से दस्तावेज उपलब्ध कराने वालों पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं।


हाईकोर्ट में आज SOG देगी जवाब

SI भर्ती 2021 पेपर लीक मामले में राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ के निर्देश पर SOG के ADG विशाल बंसल आज विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट के साथ अदालत में पेश होंगे। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने साफ कहा था कि केवल औपचारिक नहीं, बल्कि जांच आधारित ठोस जवाब पेश किया जाए।


गोपनीय रिपोर्ट याचिकाकर्ताओं तक कैसे पहुंची?

अदालत का मुख्य सवाल यही है कि जिस रिपोर्ट को गोपनीय बताया गया, वह याचिकाकर्ताओं के पास कैसे पहुंच गई। कोर्ट ने SOG और सरकार—दोनों से इस पर जवाब मांगा था, लेकिन पिछली सुनवाई में अधिकारी संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए थे।


सीलबंद रिपोर्ट पर कोर्ट की नाराज़गी

पिछली सुनवाई के बाद राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने तथ्यात्मक रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की थी। इस पर याचिकाकर्ता पक्ष ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सीलबंद रिपोर्ट देना उचित नहीं है और इसकी प्रति उन्हें दी जानी चाहिए।


कोर्ट की तल्ख टिप्पणी: ‘आपका ऑफिस कॉम्प्रोमाइज है’

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने SOG से सीधे सवाल किया कि पहले वाली गोपनीय रिपोर्ट याचिकाकर्ताओं तक कैसे पहुंची। जब अधिकारी स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए तो अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि SOG का कार्यालय “कॉम्प्रोमाइज” हो चुका है। कोर्ट ने यह भी कहा कि उसे जानकारी मिली है कि SOG ऑफिस से जुड़ा एक व्यक्ति खुद याचिकाकर्ता है।


SI भर्ती पहले ही हो चुकी है रद्द

गौरतलब है कि 28 अगस्त को हाईकोर्ट की एकलपीठ ने SI भर्ती 2021 को रद्द कर दिया था। इस आदेश को चयनित अभ्यर्थियों ने खंडपीठ में चुनौती दी थी, जहां पहले रोक लगा दी गई थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने एकलपीठ का फैसला बहाल करते हुए खंडपीठ को तीन महीने में सुनवाई पूरी करने के निर्देश दिए।


अब अंतिम फैसले की ओर मामला

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने भी एकलपीठ के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल की। फिलहाल सभी याचिकाओं पर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है। अब अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी है, जिस पर हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य टिका हुआ है।


SOG की कार्यप्रणाली पर सवाल

इस पूरे मामले में जांच एजेंसी SOG की निष्पक्षता और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यदि गोपनीय दस्तावेज वास्तव में बाहर लीक हुए हैं, तो यह न केवल जांच प्रक्रिया को कमजोर करता है बल्कि न्यायिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी असर डालता है। हाईकोर्ट की सख्ती संकेत देती है कि इस बार जिम्मेदारी तय हो सकती है।

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