जहां शिवलिंग विराजमान, वही बन जाता है तीर्थ – शिव कृपा आनंद महोत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब
अलवर।
शिव कृपा आनंद महोत्सव के तृतीय दिवस आयोजित शिव कथा में परम पूज्य डॉ. श्री शिवम् साधक जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि “जहां शिवलिंग की स्थापना हो जाती है, वह स्थान किसी तीर्थ से कम नहीं रहता।” उन्होंने प्रत्येक सनातनी परिवार से अपने घर में शिवलिंग स्थापित कर नियमित पूजन करने का आह्वान किया।
महाराज श्री ने शिव कथा की महिमा बताते हुए कहा कि श्रद्धा से कथा श्रवण करने वाले को उसका पूर्ण फल प्राप्त होता है। उन्होंने समझाया कि जहां मन एकाग्र होकर धर्म में लग जाता है, वहीं सच्चे पुण्य की प्राप्ति होती है। अपनी प्रशंसा से अहंकार बढ़ता है और पुण्य क्षीण होते हैं, जबकि निंदा सहने से पापों का क्षय होता है। नारद जी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि अभिमान होने पर भगवान स्वयं कृपा कर उसे दूर करते हैं।
11 फरवरी की रात्रि 8 बजे ब्रज सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत चरकुला नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी गई। कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुति देखकर भक्तगण भावविभोर हो उठे। पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया और वातावरण ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो साक्षात श्रीकृष्ण की उपस्थिति में भक्तगण आनंदित होकर नृत्य कर रहे हों।
शिव कथा में अलवर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष श्री योगेश मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने व्यासपीठ, ब्रह्मलीन परम पूज्य भक्ति सम्राट संत गुरुजी श्री शिवानंद साधक जी महाराज (डेरा वाले बाबा, श्रीधाम वृंदावन) एवं परम पूज्य डॉ. श्री शिवम् साधक जी महाराज का पुष्पमाला अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने अलवरवासियों के सुख, समृद्धि और व्यापार उन्नति हेतु महाराज श्री से आशीर्वाद की कामना की।
साधक सेवा समिति अलवर के अध्यक्ष डॉ. एस.सी. मित्तल ने आरती में सहभागिता करते हुए आयोजन की भव्यता की सराहना की। उन्होंने मंच की थीम, रंग संयोजन और शिवलिंग की आकर्षक सज्जा की विशेष प्रशंसा की तथा श्रीराम मंदिर में आयोजन हेतु स्थान उपलब्ध कराने के लिए अशोक सैनी का आभार व्यक्त किया।
साधक सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. एस.सी. मित्तल ने बताया कि यह भव्य आयोजन 9 से 15 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर 1 से 4 बजे तक श्रीराम मंदिर, अपना घर शालीमार सोसाइटी, अलवर में आयोजित किया जा रहा है। 12 फरवरी की संध्या को सुंदरकांड पाठ का विशेष आयोजन होगा।