Second Hand Car खरीदने से पहले जानें ये 7 जरूरी बातें, वरना होगा नुकसान
पुरानी कार खरीदना बजट‑फ्रेंडली विकल्प हो सकता है, लेकिन थोड़ी लापरवाही भारी खर्च और झंझट में बदल सकती है। इसलिए, गाड़ी खरीदने से पहले ये 7 जरूरी बातें ध्यान में रखें।
कार के डॉक्यूमेंट्स जांचें
RC, इंश्योरेंस और सर्विस रिकॉर्ड जरूर देखें
पुरानी कार खरीदते समय RC, इंश्योरेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट और सर्विस रिकॉर्ड को ध्यान से जांचें। इंजन और चेसिस नंबर RC से मैच होने चाहिए। अगर कार लोन पर थी, तो NOC लेना न भूलें। बिना सही डॉक्यूमेंट्स के कानूनी परेशानी हो सकती है।
एक्सीडेंट हिस्ट्री पर ध्यान दें
पेंट, वेल्डिंग और बॉडी पैनल की जांच जरूरी
कई बार एक्सीडेंट वाली कार बाहर से नई लगती है। दरवाजों या बोनट के गैप बराबर न होने पर एक्सीडेंट का संकेत हो सकता है। गंभीर एक्सीडेंट वाली कार भविष्य में सुरक्षा और परफॉर्मेंस दोनों में समस्या दे सकती है।
इंजन की कंडीशन जांचें
इंजन की आवाज, स्मोक और वाइब्रेशन देखें
इंजन किसी भी कार का दिल होता है। पुरानी कार में इंजन की आवाज, धुआं और वाइब्रेशन पर ध्यान दें। टेस्ट ड्राइव के दौरान गियर, क्लच और ब्रेक की सही स्थिति जरूर चेक करें।
ओडोमीटर और असली माइलेज
छेड़छाड़ से बचें, सच्चा माइलेज जानें
कई बार ओडोमीटर से माइलेज घटा दिया जाता है। सर्विस रिकॉर्ड और स्टेयरिंग, पैडल व सीट्स की घिसावट देखकर असली किलोमीटर का अंदाजा लगाएँ।
कार की उम्र जांचें
15 साल के नियम और रजिस्ट्रेशन खर्च समझें
भारत में कार की वैध उम्र 15 साल होती है। ज्यादा पुरानी कार खरीदने पर रजिस्ट्रेशन खर्च बढ़ जाता है। खासकर डीजल कारों में नियम सख्त हैं, इसलिए खरीदने से पहले राज्य के नियम समझ लें।
कार सर्विस और स्पेयर पार्ट्स
पार्ट्स उपलब्धता और सर्विस सेंटर की जांच जरूरी
सस्ती कीमत देखकर कार न लें। उसके स्पेयर पार्ट्स महंगे या मुश्किल से मिल रहे हों तो बाद में परेशानी हो सकती है। जिस मॉडल की कार खरीद रहे हैं, उसके सर्विस सेंटर और पार्ट्स की उपलब्धता पहले ही चेक करें।
नेगोशिएशन और कीमत तुलना
बाजार मूल्य और कार की स्थिति के आधार पर डील तय करें
ऑनलाइन और लोकल प्लेटफॉर्म पर उसी मॉडल की कीमतें देखें। कार में कोई कमी हो तो उसी आधार पर कीमत कम करवाएं। जल्दबाजी में फैसला न लें, सोच-समझकर डील फाइनल करें।