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“ब्रेस्ट इम्प्लांट को कहा अलविदा! शर्लिन ने शेयर की असली वजह”. “दर्द से आज़ादी: शर्लिन चोपड़ा ने क्यों हटवाए ब्रेस्ट इम्प्लांट?”

शर्लिन चोपड़ा ने सर्जरी के बाद दिखाए अपने 825 ग्राम के ब्रेस्ट सिलिकॉन, नए लुक पर चौंके लोग- पूरा हुलिया बदल गया

शर्लिन चोपड़ा की ‘छाती से 825 ग्राम बोझ हुआ हल्का’, जानिए कैसे कम हुए हैवी ब्रेस्ट, क्या है इम्प्लांट सर्जरी

स्वास्थ्य और आत्म-स्वीकृति की ओर एक बेहद निजी मोड़ — अभिनेत्री शर्लिन चोपड़ा ने हाल ही में अपने ब्रेस्ट इम्प्लांट्स हटवाने का फैसला साझा किया है। दर्द और दबाव से जूझने के बाद उन्होंने सर्जरी कराते हुए कहा कि यह उनके लिए एक नया, हल्का जीवन शुरू करने जैसा है।

निरंतर दर्द ने किया नियंत्रण बदलने पर मजबूर

शर्लिन चोपड़ा ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से उनके शरीर में गहन दर्द से परेशानी हो रही थी — खासकर पीठ, गर्दन, छाती और कंधों में। कई मेडिकल जांचों और विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि उनकी “भारी” ब्रेस्ट इम्प्लांट उनकी तकलीफों का स्रोत हैं।

उनके अनुसार, यह निर्णय उनकी व्यक्तिगत भलाई के लिए था: उन्होंने कहा कि वे फिर से “फुर्ती, ऊर्जा और स्टैमिना” वापस पाना चाहती हैं।

“बोझ से आज़ादी” – भावनात्मक मुक्ति की चाह
शर्लिन ने अपनी सर्जरी को “एक्स्ट्रा सामान” (excess baggage) कहकर वर्णित किया, यह संकेत देते हुए कि उनका यह कदम सिर्फ शारीरिक राहत नहीं, बल्कि मानसिक और आत्मिक आज़ादी की ओर भी एक कदम है।

इंस्टाग्राम वीडियो में उन्होंने कहा कि यह फैसला उनके आत्म-स्वीकरण की यात्रा का हिस्सा है — जैसा कि उन्होंने पहले अगस्त 2023 में अपने चेहरे के फिलर्स हटवाए थे।

सर्जरी के बाद – “तितली जैसा हल्का महसूस”
सर्जरी के बाद शर्लिन ने पोस्ट किया कि वह “हल्की महसूस” कर रही हैं।

वे अपनी नई ज़िंदगी का बेसब्री से इंतज़ार कर रही थीं — नर्वस तो थोड़ी थीं, लेकिन उतनी ही उत्साहित भी।

उन्होंने अपनी चाह जताई कि यह फैसला अन्य लोगों को भी यह सोचने पर मजबूर करे कि सुंदरता की परिभाषा केवल बाहरी दिखावे तक सीमित क्यों हो — और कि शरीर के असली स्वरूप को अपनाना भी एक विकल्प है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी और आगे का रास्ता
कुछ विशेषज्ञों ने शर्लिन के इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा है कि बड़े, भारी इम्प्लांट्स लंबे समय में पीठ, गर्दन और छाती में तनाव पैदा कर सकते हैं।

दूसरी ओर, प्लास्टिक सर्जनों ने यह भी चेतावनी दी है कि इम्प्लांट निकालने के बाद त्वचा में ढीलापन या “सैगिंग” हो सकती है, खासकर यदि पहले इम्प्लांट काफी बड़े हों।

एक सामाजिक संदेश: आत्म-स्वीकृति और सावधानी
शर्लिन चोपड़ा अपने अनुभव के माध्यम से एक मजबूत संदेश देना चाहती हैं: सोशल मीडिया या बाहरी दबावों में आकर अपने शरीर के साथ समझौता न करें।

वे युवा पीढ़ी को सलाह देती हैं कि किसी भी कॉस्मेटिक बदलाव के पहले pros और cons पर गहराई से विचार करें, मेडिकल सलाह लें और जल्दबाज़ी न करें।

इस बदलाव के साथ, उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वास्तविक सुंदरता केवल दिखावे में नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, आत्म-सम्मान और आत्म-स्वीकृति में है।

शर्लिन चोपड़ा का यह फैसला सिर्फ एक व्यक्तित्व परिवर्तन नहीं, बल्कि आधुनिक कॉस्मेटिक प्लेटफॉर्म में बढ़ती जागरूकता का प्रतीक है। यह दिखाता है कि ग्लैमर और बाहरी सुंदरता के पीछे छिपे स्वास्थ्य खतरों पर ध्यान देना कितना ज़रूरी है। उनकी खुली बातचीत न केवल उनके फैंस के लिए प्रेरणा है, बल्कि उन लोगों के लिए भी चेतावनी — कि हर कॉस्मेटिक कदम खुशी लाता है, लेकिन उसके दायरे में स्वास्थ्य को न भूलना चाहिए।

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