सतीश पूनिया का राहुल गांधी पर निशाना, बोले- कांग्रेस को विपक्ष की भूमिका निभाने का प्रशिक्षण चाहिए
डूंगरपुर में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और पंजाब प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए प्रशिक्षण की जरूरत है। पूनिया ने संसद और सड़कों पर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों को अराजकता बताते हुए पार्टी पर भ्रामक नैरेटिव फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने SIR प्रक्रिया, घुसपैठ और पंजाब की राजनीतिक स्थिति को लेकर भी कांग्रेस तथा आम आदमी पार्टी पर सवाल उठाए।

मुख्य बातें
- राहुल गांधी को विपक्ष की भूमिका का प्रशिक्षण लेना चाहिए: सतीश पूनिया
- पंजाब में चिट्टा, क्राइम और भ्रष्टाचार बड़े मुद्दे: सतीश पूनिया
- डूंगरपुर में सतीश पूनिया का कांग्रेस पर हमला, SIR पर भी उठाए सवाल
DUNGARPUR, 03 NOV. 2026:
भाजपा कार्यालय की बैठक में शामिल हुए सतीश पूनिया
सतीश पूनिया मंगलवार को डूंगरपुर स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने जिला भाजपा कार्यकारिणी की बैठक में हिस्सा लिया। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति और पंजाब के मौजूदा हालात पर अपनी बात रखी। इस दौरान उनका मुख्य निशाना कांग्रेस और राहुल गांधी रहे। पूनिया ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को विपक्ष की जिम्मेदारी समझने और उसे सही तरीके से निभाने के लिए प्रशिक्षण लेना चाहिए। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका केवल विरोध करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
राहुल गांधी और कांग्रेस पर अराजकता फैलाने का आरोप
पूनिया ने आरोप लगाया कि संसद के भीतर और सड़कों पर कांग्रेस का रवैया अराजकता फैलाने वाला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तथ्यों के बजाय भ्रामक नैरेटिव के जरिए जनता के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री के बयान का समर्थन करते हुए उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी टिप्पणी की। पूनिया ने कहा कि यदि राहुल गांधी प्रधानमंत्री की भूमिका निभाना चाहते हैं, तो उन्हें मॉक पार्लियामेंट में यह भूमिका निभानी चाहिए। ये टिप्पणियां पूनिया ने कांग्रेस की राजनीतिक कार्यशैली पर हमला करते हुए कीं।
SIR प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस पर लगाए आरोप
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया के मुद्दे पर भी पूनिया ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने दावा किया कि देशभर में मतदाता सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे नाम सामने आए हैं, जिनमें मृत, अनुपस्थित और दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके मतदाता शामिल हैं। पूनिया ने इन आंकड़ों के आधार पर कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में कांग्रेस और ममता बनर्जी की सरकारों के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठियों के नाम पर फर्जी मतदान कराया गया। उन्होंने कहा कि SIR का विरोध करना घुसपैठियों के पक्ष में खड़े होने जैसा है। ये सभी आरोप पूनिया ने अपने राजनीतिक बयान में लगाए।
पंजाब में भाजपा को मजबूत विकल्प मान रहे लोग: पूनिया
पंजाब की राजनीति पर चर्चा करते हुए पूनिया ने कहा कि राज्य में बदलाव की इच्छा दिखाई दे रही है। उनके अनुसार, पंजाब की जनता भाजपा को एक विकल्प के रूप में देख रही है। उन्होंने आम आदमी पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है। पूनिया ने अरविंद केजरीवाल के उस पुराने दावे का जिक्र किया, जिसमें 90 दिनों में नशा खत्म करने की बात कही गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद पंजाब में नशे की समस्या गंभीर बनी हुई है।
चिट्टा, अपराध और भ्रष्टाचार को बताया पंजाब की बड़ी चुनौती
पूनिया ने पंजाब की तीन प्रमुख समस्याओं के रूप में नशे, अपराध और भ्रष्टाचार का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में आम नागरिक की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के मामलों में मुख्यमंत्री से जुड़े लोगों और कर्मचारियों पर भी आरोप लगे हैं। पूनिया ने नगदी बाहर फेंकने के आरोपों और केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई का भी जिक्र किया। हालांकि, इन मामलों में लगाए गए आरोपों और जांच की स्थिति को अलग-अलग तथ्यों के आधार पर देखा जाना जरूरी है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच SIR और पंजाब के मुद्दे चर्चा में
डूंगरपुर में दिए गए इस बयान के दौरान पूनिया ने राष्ट्रीय राजनीति से लेकर पंजाब की कानून-व्यवस्था तक कई मुद्दे उठाए। उन्होंने कांग्रेस की विपक्षी भूमिका, SIR प्रक्रिया और घुसपैठ के सवाल पर अपनी पार्टी का पक्ष रखा। वहीं, पंजाब में नशे और अपराध को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार की आलोचना की। उनके बयान को आगामी राजनीतिक गतिविधियों के संदर्भ में भाजपा की ओर से कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर किए जा रहे हमले के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रशासन का पक्ष
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