सांवलिया सेठ मंदिर का रिकॉर्ड टूटा: भंडार में आया चढ़ावा अब तक का सबसे बड़ा, नकद 40 करोड़ पार…
राजस्थान के प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर में इस बार दीपावली के बाद खुला भंडार इतिहास रच रहा है। 4 चरणों में गिनती पूरी होते-होते नकद चढ़ावे ने अब तक के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 40 करोड़ से अधिक की नकदी मिल चुकी है, जबकि सोना-चांदी और विदेशी मुद्रा की गिनती अभी बाकी है। यानी अंतिम आंकड़ा और भी बड़ा होने की उम्मीद है।
1️⃣ नकद गिनती ने तोड़े सभी पुराने रिकॉर्ड**
अब तक भंडार में 40.39 करोड़ रुपये नकद की पुष्टि**
मंदिर समिति के अनुसार बुधवार को भंडार की पांचवीं चरण की गिनती पूरी की गई। इस चरण के बाद नकद चढ़ावा 40 करोड़ 39 लाख रुपये पहुंच चुका है।
पहली बार इतना बड़ा कैश अमाउंट एक ही भंडार खुलने पर सामने आया है।
2️⃣ गुरुवार से शुरू होगा छठा चरण — और भी बढ़ेगा आंकड़ा**
गिनती लगातार तीन शिफ्टों में**
गुरुवार को सुरक्षा व्यवस्था के बीच छठे चरण की गिनती शुरू होगी। पहले पांच चरणों में सिर्फ नकद की गिनती हुई है, जबकि बाकी दान सामग्री—सोना, चांदी और विदेशी मुद्रा—अभी गणना में शामिल ही नहीं हुई है।
इससे संकेत मिलता है कि कुल दान पिछली बार की तुलना में कई गुना अधिक हो सकता है।
3️⃣ सोना-चांदी व विदेशी मुद्रा की गिनती बाकी—बड़ा सरप्राइज संभव**
ऑनलाइन दान और भेटकक्ष की राशि का विवरण भी अभी शेष**
मंदिर प्रशासन ने बताया कि भंडार में केवल नकद ही नहीं, बल्कि भक्तों ने बड़ी मात्रा में *सोना, चांदी, विदेशी नोट, और *ऑनलाइन दान भी दिया है। यह सभी आंकड़े नकद गिनती पूरी होने के बाद जोड़े जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि कुल चढ़ावा 50 करोड़ रुपये से भी अधिक पहुंच सकता है।
4️⃣ पिछली बार का रिकॉर्ड: 28 करोड़ नकद, 1.8 किलो सोना, 143 किलो चांदी**
इस बार का चढ़ावा पिछले साल से लगभग 50% अधिक**
सितंबर में खुले भंडार में 9 चरणों की गिनती में
- ₹28 करोड़ नकद
- 1.835 किलो सोना
- 143.780 किलो चांदी मिली थी।
इस बार नकद ही 40 करोड़ पार कर चुका है, जो कि पिछली बार के मुकाबले लगभग 12 करोड़ अधिक है—वह भी सिर्फ पांच चरणों की गिनती में।
5️⃣ इस बार बदला सिस्टम — सत्संग भवन में हो रही गिनती**
पहली बार चौक की जगह अलग भवन में CCTV निगरानी**
हर बार की तरह इस बार मंदिर के अंदर बने चौक में गिनती नहीं की जा रही।
इसके बजाय सत्संग भवन को हाई-सिक्योरिटी जोन बनाकर वहां CCTV और मैनुअल कैमरों की निगरानी में पूरा कार्य किया जा रहा है।
तीन शिफ्टों में कर्मचारी लगातार 24 घंटे गिनती से जुड़े हैं।
6️⃣ चढ़ावे में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के पीछे क्या कारण?**
✔ दीपावली बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का मंदिर आगमन
✔ भंडार दो महीने बाद खुला—दान जमा होने की अवधि अधिक
✔ ऑनलाइन दान की सुविधाएं बढ़ने से दान का दायरा बड़ा
✔ श्रद्धालुओं की बढ़ी भावनात्मक और धार्मिक आस्था
विशेषज्ञों का मानना है कि सांवलिया सेठ मंदिर अब उत्तर भारत के सबसे बड़े दान प्राप्त करने वाले मंदिरों में शामिल हो गया है।
भक्तों की आस्था और लगातार बढ़ती भेंट राशि यह दर्शाती है कि भविष्य में सांवलिया सेठ मंदिर का भंडार नए आयाम छू सकता है।
नकद, सोना-चांदी और विदेशी मुद्रा की कुल गिनती पूरी होते ही अंतिम आंकड़ा जारी किया जाएगा, जो मौजूदा रिकॉर्ड को कहीं पीछे छोड़ सकता है।