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सलमान खान का वो किरदार जिसने आशिकी को दर्द बना दिया, ‘तेरे नाम’ फिर लौटेगी सिनेमाघरों में


सलमान खान की कल्ट क्लासिक फिल्म तेरे नाम एक बार फिर दर्शकों के दिलों को झकझोरने के लिए तैयार है। यह फिल्म 27 फरवरी 2026 को दोबारा सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। इसी बीच सलमान खान का एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह इस आइकॉनिक किरदार का पूरा श्रेय खुद लेने से इनकार करते नजर आते हैं।


27 फरवरी 2026 को बड़े पर्दे पर लौटेगा ‘राधे मोहन’

करीब दो दशक बाद तेरे नाम की री-रिलीज़ का ऐलान होते ही फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। फिल्म ने अपने समय में न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया था, बल्कि यह प्रेम और पीड़ा की एक पहचान बन गई थी।

री-रिलीज़ का फैसला इस बात का सबूत है कि तेरे नाम आज भी दर्शकों के साथ भावनात्मक रिश्ता बनाए हुए है।


वायरल इंटरव्यू में सलमान खान की सादगी ने जीता दिल

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पुराने इंटरव्यू में सलमान खान बेहद विनम्र अंदाज़ में कहते हैं कि तेरे नाम में उन्होंने “कुछ खास नहीं किया”। वह इस फिल्म की सफलता का श्रेय निर्देशक, कहानी, पटकथा और संवादों को देते नजर आते हैं।

एक सुपरस्टार का अपने सबसे यादगार किरदार का श्रेय खुद लेने से इनकार करना उनकी सोच और परिपक्वता को दर्शाता है।


सलमान बोले- राधे मोहन अभिनय से नहीं, लेखनी से बना

सलमान खान का मानना है कि राधे मोहन जैसा किरदार उनके अभिनय की वजह से नहीं, बल्कि मजबूत स्क्रीनप्ले और लेखकों की गहरी सोच से गढ़ा गया। उनके अनुसार, किरदार की भावनात्मक ताकत कहानी की संरचना और परिस्थितियों से आती है।

यह बयान फिल्ममेकिंग में लेखन और निर्देशन की अहमियत को उजागर करता है।


खामोशियों में छिपा था राधे का दर्द

सलमान बताते हैं कि राधे मोहन की गहराई उसके संवादों से ज्यादा उसकी खामोशियों, फैसलों और हालातों में छिपी थी। किरदार का संयम, नैतिक मजबूती और भावनात्मक संघर्ष सब कुछ पहले से ही स्क्रिप्ट में मौजूद था।

यही वजह है कि राधे मोहन आज भी सबसे दर्दनाक और यादगार प्रेमी किरदारों में गिना जाता है।


जब ‘तेरे नाम’ बना एक दीवानगी

फिल्म की रिलीज के बाद देशभर में जबरदस्त क्रेज देखने को मिला था। सलमान खान के लंबे बाल युवाओं के बीच ट्रेंड बन गए, कॉलेज कैंपस में फिल्म के डायलॉग गूंजने लगे और इसका इमोशनल क्लाइमेक्स दर्शकों को रुला गया।

तेरे नाम सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि उस दौर की एक भावना बन चुकी थी।


सूरत में बना ‘तेरे नाम चौकड़ी’, ऐसा था फिल्म का असर

फिल्म की लोकप्रियता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सूरत में एक ट्रैफिक सर्कल का नाम ही ‘तेरे नाम चौकड़ी’ रख दिया गया था। यह किसी बॉलीवुड फिल्म के लिए दुर्लभ सम्मान माना जाता है।

यह घटना फिल्म के सांस्कृतिक प्रभाव को दर्शाती है, जो पर्दे से बाहर भी ज़िंदा रहा।


10 करोड़ के बजट में 25 करोड़ की कमाई

तेरे नाम करीब 10 करोड़ रुपये के बजट में बनी थी और इसने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 25 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था। उस समय के हिसाब से यह एक बड़ी व्यावसायिक सफलता मानी गई।


री-रिलीज़ सिर्फ नॉस्टैल्जिया नहीं, एक विरासत की वापसी

27 फरवरी 2026 को तेरे नाम की वापसी सिर्फ बीते दिनों की याद नहीं है, बल्कि उस फिल्म के लिए नए सिरे से सम्मान जताने का मौका है। सलमान खान के शब्द इस बात को और गहराई देते हैं कि सच्ची स्टारडम कहानी से जन्म लेती है, नाम से नहीं।

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