पाकिस्तान में सैफ अली खान के रिश्तेदार: जानिए कौन थे PCB के पूर्व चेयरमैन शहरयार खान
▶️ सैफ अली खान का पाकिस्तान से जुड़ता है पारिवारिक रिश्ता
बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान का रिश्ता सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान से भी जुड़ा रहा है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के पूर्व चेयरमैन और वरिष्ठ राजनयिक शहरयार खान, सैफ अली खान के करीबी पारिवारिक सदस्य थे। रिश्ते में शहरयार खान, सैफ अली खान के अंकल लगते थे।
▶️ शाही खानदान से था शहरयार खान का नाता
शहरयार खान का जन्म भारत के बंटवारे से पहले एक प्रतिष्ठित शाही परिवार में हुआ था। वह कुरवाई रियासत के नवाब मुहम्मद सरवर अली खान और बेगम आबिदा सुल्तान के बेटे थे। आबिदा सुल्तान, भोपाल के अंतिम शासक नवाब हमीदुल्ला खान की बड़ी बेटी थीं, जिससे शहरयार खान का संबंध सीधे भारतीय रॉयल फैमिली से जुड़ता है।
▶️ पटौदी परिवार से कैसे जुड़ा रिश्ता
आबिदा सुल्तान की छोटी बहन साजिदा सुल्तान की शादी इफ्तिखार अली खान पटौदी से हुई थी। साजिदा सुल्तान, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मंसूर अली खान पटौदी की मां थीं।
इस तरह शहरयार खान और मंसूर अली खान पटौदी फर्स्ट कजिन थे, और इसी रिश्ते से शहरयार खान, सैफ अली खान के अंकल बने।
▶️ कूटनीति में लंबा और प्रभावशाली करियर
शहरयार खान एक पेशेवर पाकिस्तानी राजनयिक थे।
- 1990 से 1994 तक उन्होंने पाकिस्तान के विदेश सचिव के रूप में सेवाएं दीं
- 1994 से 1996 तक वे रवांडा में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष प्रतिनिधि रहे
रवांडा में नरसंहार के दौरान उनके अनुभवों पर आधारित उनकी किताब ‘Shallow Graves of Rwanda’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
▶️ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में दो बार संभाली कमान
राजनयिक सेवा के बाद शहरयार खान ने क्रिकेट प्रशासन में अहम भूमिका निभाई।
- पहली बार 2003 से 2006 तक PCB चेयरमैन
- दूसरी बार 2014 से 2017 तक PCB चेयरमैन
उनके पहले कार्यकाल के दौरान भारत-पाकिस्तान क्रिकेट संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की कोशिशें की गईं। वहीं दूसरे कार्यकाल में उन्होंने 2009 के लाहौर आतंकी हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से कटे पाकिस्तान क्रिकेट को संभालने का प्रयास किया।
▶️ एशियाई क्रिकेट परिषद के भी अध्यक्ष रहे
शहरयार खान 2016 में एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष भी रहे। इस दौरान उन्होंने क्षेत्रीय क्रिकेट सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया।
▶️ प्रशंसा और आलोचना, लेकिन भूमिका रही निर्णायक
PCB में उनके नेतृत्व को लेकर मतभेद जरूर रहे, लेकिन यह तय माना जाता है कि पाकिस्तान क्रिकेट के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर में शहरयार खान की भूमिका बेहद अहम रही। उन्होंने बोर्ड की विश्वसनीयता और प्रशासनिक स्थिरता बहाल करने की दिशा में काम किया।
▶️ सिनेमा और कूटनीति: दो अलग दुनिया, एक पारिवारिक रिश्ता
जहां सैफ अली खान भारत के चर्चित फिल्म सितारों में गिने जाते हैं, वहीं शहरयार खान ने अपना जीवन सार्वजनिक सेवा, कूटनीति और क्रिकेट प्रशासन को समर्पित किया। दोनों अलग-अलग देशों और क्षेत्रों में रहे, लेकिन उनका पारिवारिक रिश्ता इतिहास और राजनीति से जुड़ा रहा।
▶️ 2024 में हुआ शहरयार खान का निधन
शहरयार खान का 2024 में निधन हो गया। पाकिस्तान में आज भी उन्हें एक सक्षम राजनयिक और क्रिकेट प्रशासक के रूप में याद किया जाता है, जिनका प्रभाव सिर्फ खेल तक सीमित नहीं था।