मॉस्को में हाई-प्रोफाइल धमाका: पुतिन के लेफ्टिनेंट जनरल की कार उड़ाई, यूक्रेन पर शक
रूस की राजधानी मॉस्को एक बार फिर बड़े आतंकी हमले से दहल गई है। सोमवार, 22 दिसंबर को हुए कार बम धमाके में रूसी जनरल स्टाफ के वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल फैनिल सरवरोव की मौत हो गई। यह हमला न सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती है, बल्कि यह संकेत भी देता है कि यूक्रेन युद्ध का असर अब सीधे मॉस्को की सड़कों तक पहुंच चुका है।
🧨 यासेनेवाया स्ट्रीट पर मौत का विस्फोट
मॉस्को की यासेनेवाया स्ट्रीट पर जनरल फैनिल सरवरोव जैसे ही अपनी कार में बैठे और वाहन आगे बढ़ा, कुछ ही सेकंड में जोरदार धमाका हो गया। रूसी मीडिया के मुताबिक, उनकी किआ सोरेंटो कार के नीचे IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) लगाया गया था। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मौके पर ही जनरल की मौत हो गई।
🕵️ यूक्रेन की खुफिया एजेंसी पर शक
रूस की जांच समिति ने पुष्टि की है कि इस हमले को टार्गेटेड असैसिनेशन मानकर जांच की जा रही है। शुरुआती संदेह यूक्रेन की खुफिया एजेंसियों पर जताया गया है। हालांकि, अभी तक किसी संगठन ने आधिकारिक रूप से हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
🎖️ कौन थे फैनिल सरवरोव?
लेफ्टिनेंट जनरल फैनिल सरवरोव रूसी जनरल स्टाफ के सेना परिचालन प्रशिक्षण निदेशालय के प्रमुख थे। उन्होंने चेचन्या, ओसेशिया और सीरिया जैसे संघर्ष क्षेत्रों में अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा, वह यूक्रेन युद्ध की रणनीतिक योजना से भी जुड़े रहे थे, जिससे वह संभावित निशाने पर माने जा रहे थे।
🎯 पुतिन के करीबी सैन्य अधिकारी लगातार निशाने पर
फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद से रूस और उसके कब्जे वाले इलाकों में कई हाई-प्रोफाइल हमले हुए हैं। इन हमलों में खास तौर पर रूसी सैन्य अधिकारी और पुतिन समर्थक हस्तियां निशाने पर रही हैं।
📌 पहले भी हो चुके हैं ऐसे हमले
- अप्रैल 2024: मॉस्को के पास कार बम धमाके में डिप्टी जनरल यारोस्लाव मोस्कालिक की मौत
- दिसंबर 2024: मॉस्को में बूबी-ट्रैप्ड इलेक्ट्रिक स्कूटर विस्फोट में जनरल इगोर किरिलोव मारे गए
- अप्रैल 2023: सेंट पीटर्सबर्ग कैफे ब्लास्ट में सैन्य ब्लॉगर मैक्सिम फोमिन की मौत
- अगस्त 2022: कार बम धमाके में अलेक्जेंडर डुगिन की बेटी डारिया डुगिना की हत्या
क्या अब मॉस्को भी सुरक्षित नहीं?
इस हमले ने रूसी सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर राजधानी के भीतर इतने वरिष्ठ सैन्य अधिकारी को निशाना बनाया जा सकता है, तो यह साफ संकेत है कि युद्ध अब सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रहा। यह घटना रूस-यूक्रेन संघर्ष को एक नए और ज्यादा खतरनाक मोड़ पर ले जाती दिख रही है।