🔴 रूस-यूक्रेन युद्ध पर क्या आएगी गुड न्यूज़? जेलेंस्की ने दिए शांति वार्ता के संकेत
करीब चार साल से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर एक बार फिर शांति की उम्मीद जगी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका ने यूक्रेन और रूस के बीच नई शांति वार्ता आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है। अगर यह बैठक होती है, तो यह युद्ध खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा सकता है।
🇺🇸 अमेरिका की पहल, मियामी में वार्ता का प्रस्ताव
शनिवार को जेलेंस्की ने बताया कि
“मेरी समझ के मुताबिक, अमेरिका ने यूक्रेन-अमेरिका-रूस के बीच इस प्रारूप में बैठक का प्रस्ताव रखा है।”
उन्होंने कहा कि यह वार्ता अमेरिका के मियामी में हो सकती है, जहां युद्ध समाप्त करने को लेकर एक और दौर की बातचीत होगी। जेलेंस्की के मुताबिक,
- इस बैठक में यूरोपीय देश भी शामिल हो सकते हैं
- पहले से हुई बैठकों के नतीजों को समझने के बाद संयुक्त बैठक करना तर्कसंगत होगा
💣 बातचीत के बीच रूस के हमले जारी
हालांकि, शांति प्रयासों के बीच जमीनी हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं।
यूक्रेन की आपातकालीन सेवा के मुताबिक,
- दक्षिणी यूक्रेन के ओडेसा में रूसी मिसाइल हमले
- बंदरगाह के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया
- 8 लोगों की मौत, 27 घायल
इससे साफ है कि बातचीत की संभावनाओं के बावजूद युद्धविराम अभी दूर नजर आ रहा है।
🤝 ट्रंप प्रशासन के शांति प्रयास
ये प्रस्तावित वार्ताएं ट्रंप प्रशासन के पिछले कई महीनों से चल रहे शांति प्रयासों का हिस्सा हैं।
- इसी हफ्ते की शुरुआत में बर्लिन में
- यूक्रेनी और यूरोपीय अधिकारियों के साथ अहम बैठकें हुई थीं
यूक्रेन के मुख्य वार्ताकार ने बताया कि
- अमेरिका में
- अमेरिकी और यूरोपीय सहयोगियों के साथ अलग-अलग बैठकें पूरी हो चुकी हैं
🇪🇺 यूरोपीय संघ का बड़ा ऐलान
इसी बीच, यूरोपीय संघ के नेताओं ने यूक्रेन को लेकर बड़ा फैसला लिया है।
- अगले दो वर्षों के लिए
- यूक्रेन को ब्याज-मुक्त बड़ा ऋण दिया जाएगा
- ताकि उसकी सैन्य और आर्थिक जरूरतें पूरी की जा सकें
यह फैसला युद्ध के लंबे खिंचने की आशंका को भी दर्शाता है।
🤔 अमेरिका पर जेलेंस्की का संदेह
जेलेंस्की ने साफ किया कि आगे का रास्ता काफी हद तक अमेरिका के रुख पर निर्भर करेगा।
कीव में पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुइस मोंटेनेग्रो के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा,
“मुख्य सवाल यह है कि रूसियों के साथ बातचीत के बाद अमेरिका कैसे प्रतिक्रिया देगा। ईमानदारी से कहूं तो अभी मुझे नहीं पता, लेकिन आज बाद में तस्वीर साफ हो जाएगी।”
- शांति वार्ता का प्रस्ताव उम्मीद की किरण जरूर है
- लेकिन रूस के लगातार हमले बताते हैं कि रास्ता आसान नहीं
- अमेरिका का अगला कदम तय करेगा कि यह पहल वाकई गुड न्यूज़ बनेगी या सिर्फ कूटनीतिक कोशिश बनकर रह जाएगी