🚨 रूस का यूक्रेन पर भीषण हमला, कीव पर बरसीं मिसाइलें और ड्रोन
✍️ नई दिल्ली
रूस-यूक्रेन युद्ध एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव और उसके आसपास के इलाकों पर मिसाइल और ड्रोन से अब तक के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक को अंजाम दिया। इस हमले ने पूरे शहर को दहला दिया और कई घंटों तक एयर रेड अलर्ट जारी रहा।
💥 500 से ज्यादा ड्रोन और 40 मिसाइलों से 10 घंटे तक हमला
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के अनुसार, रूस ने इस हमले में 500 से अधिक ड्रोन और 40 से ज्यादा मिसाइलें दागीं।
करीब 10 घंटे तक चले इस हमले का मुख्य निशाना कीव की ऊर्जा आपूर्ति और नागरिक ढांचा रहा। कई रिहायशी इलाकों को भारी नुकसान पहुंचा है।
🏘️ रिहायशी इलाकों में तबाही, 2 की मौत, 4 घायल
हमले के कारण कई अपार्टमेंट और इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं।
अब तक की जानकारी के अनुसार—
- 2 लोगों की मौत
- 4 लोग घायल
बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हुए हैं और कई इलाकों में आग बुझाने का काम जारी है।
⚡ कीव में बिजली और हीटिंग ठप, लोग शेल्टर में
हमले के बाद कीव के कई हिस्सों में बिजली और हीटिंग सिस्टम बंद हो गया है।
मरम्मत टीमें कुछ इलाकों में काम शुरू कर चुकी हैं, जबकि कई जगह हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं और लोगों को बंकरों व शेल्टर में रहने की सलाह दी गई है।
🗣️ जेलेंस्की का पुतिन पर तीखा हमला, बोले—‘मैन ऑफ वॉर’
कनाडा में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर सीधा हमला बोला।
उन्होंने कहा—
“हम शांति चाहते हैं, लेकिन वह मैन ऑफ वॉर हैं।”
जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि पुतिन जानबूझकर युद्ध को लंबा खींच रहे हैं और शांति की किसी भी कोशिश को नाकाम कर रहे हैं।
🌍 दुनिया से अपील—पुतिन को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं
जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि पुतिन को रोकने के लिए फ्रंटलाइन और कूटनीति दोनों स्तरों पर मजबूत कदम उठाने होंगे।
उनका कहना है कि सिर्फ बयानबाजी से नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई से ही रूस पर दबाव बनाया जा सकता है।
🇺🇸 ट्रंप से अहम मुलाकात से पहले हुआ हमला
यह बड़ा हमला ऐसे समय पर हुआ है जब जेलेंस्की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अहम मुलाकात की तैयारी कर रहे हैं।
यह बैठक रविवार को फ्लोरिडा के मार-ए-लागो में होने वाली है, जहां शांति योजना और अमेरिका की संभावित सुरक्षा गारंटी पर चर्चा की उम्मीद है।
🤝 NATO और यूरोपीय नेताओं से भी बातचीत
हमले से पहले जेलेंस्की ने NATO और यूरोपीय देशों के नेताओं से भी मुलाकात की है।
इन बैठकों में यूक्रेन की सुरक्षा, हथियार सहायता और रूस के खिलाफ रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ।
शांति वार्ता से पहले ताकत का प्रदर्शन?
विशेषज्ञों के अनुसार, यह हमला रूस की उस रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसके तहत वह शांति वार्ताओं से पहले सैन्य दबाव बढ़ाकर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहता है।
कीव पर इतना बड़ा हमला इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में संघर्ष और भी तीखा हो सकता है।